कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 19 दिनों से दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारी एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। किसान की पहचान पंजाब के रहने वाले 42 वर्षीय मक्खन सिंह के रूप में हुई।

मक्खन सिंह पंजाब में मजदूरी करता था और अपने साथियों के साथ किसान आंदोलन में शामिल होने आया था। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।

किसान को श्रद्धांजलि देते हुए बाकी किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर खड़े होकर मौन रखा। कुंडली बॉर्डर पर यह दूसरे किसान की मौत है। इससे पहले बरोदा निवासी किसान अजय की माैत हुई थी। बॉर्डर पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। बैरिकेडिंग करके रास्ता बंद कर दिया गया व सुरक्षा में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।

इसके अलावा दिल्ली प्रदर्शन से लौट रहे एक किसान की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। किसान अपने घर बेटे की शादी के लिए लौट रहा था लेकिन अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। बता दें कि शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया था।

राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर लिखा कि कृषि क़ानूनों को हटाने के लिए हमारे किसान भाइयों को और कितनी आहुति देनी होगी? इसके साथ उन्होंने एक खबर भी शेयर की है, जिसमें दावा किया गया  है कि किसान आंदोलन में अब तक 11 किसान दम तोड़ चुके हैं।