पंजाब (Punjab) के एक 22 वर्षीय किसान (Farmer) ने रविवार को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। किसान धायलपुर मिर्जा गांव के 23 वर्षीय गुरलाभ सिंह थे। जो शुक्रवार को दिल्ली सीमा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन में शामिल होकर लौटे थे।

पुलिस ने बताया कि किसान शुक्रवार को अपने गांव लौटे थे। शनिवार रात को अपने घर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। परिवार ने किसान को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के कारण का पता लगाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि गुरलाभ सिंह के परिवार पर बैंक और सूदखोरों का लगभग 6 लाख रुपये बकाया था। उनके मामा हरनेक सिंह ने कहा कि जिस तरह से सरकार किसानों के संघर्ष का जवाब दे रही थी, उससे गुरलाभ खुश नहीं थे। उसने कहा कि वह कर्ज नहीं चुका सकता, लेकिन मर सकता है। यह कहकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।

बीकेयू क्रांतिकारी के भगता ब्लॉक अध्यक्ष, बलजिंदर सिंह ने कहा कि गुरलाभ भी उन किसानों में से एक था जो नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने किसान के शोक संतप्त परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। बलजिंदर सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई किसानों की मौत हो गई है, सरकार को स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए और जल्द से जल्द कानूनों को रद्द करना चाहिए।

इससे पहले बुधवार को एक 65 वर्षीय किसान ने सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आत्महत्या कर ली थी। पीड़ित की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के सिंघरा गांव के बाबा राम सिंह के रूप में हुई। किसान ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिसमे लिखा था, वह किसानों की दुर्दशा को देख नहीं सकते, जो हाल ही में पारित कृषि बिल के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।