अलवर: फलाहारी बाबा उर्फ़ जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी को बलात्कार के मामले में बुधवार (26 सितंबर) को एक अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने फलाहारी बाबा पर 1 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

फलाहारी बाबा पर 21 साल की छात्रा से बलात्कार का आरोप था। रक्षा बंधन के दिन बाबा ने पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाया था। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली पीड़िता के आरोपो पर अपर जिला एवं सेशन जज राजेंद्र शर्मा की अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला दिया है।

बहस के दौरान सरकारी वकील ने कहा था कि पीड़िता आरोपी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य उर्फ फलाहारी बाबा को पिता तुल्य मानती थी। बाबा द्वारा पीड़िता के साथ जो कृत्य किया गया, उसके पर्याप्त साक्ष्य और गवाह मौजूद हैं। मामले में पिछले दिनों कोर्ट ने फलहारी बाबा से 88 सवाल किए थे। जवाब में फलहारी बाबा ने अपने आप को निर्दोष बताया था।

अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाना ने बताया कि इस मामले में अंतिम बहस 18 सितंबर को की गई लेकिन अदालत का समय समाप्त होने के बाद बहस को अंतिम नहीं सुनाया जा सका था। बता दें कि 11 सितम्बर 2017 को बिलासपुर की 21 वर्षीय पीड़िता ने छत्तीसगढ़ के महिला थाना में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई थी और बाबा के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़िता का मेडिकल और 164 के बयान दर्ज कर रिपोर्ट बनाया और अलवर पुलिस को फाइल भिजवा दी थी। जिसके बाद अलवर पुलिस ने अरावली विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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