Thursday, January 20, 2022

फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने ने कासगंज दंगों के लिए आरएसएस को जिम्मेदार बताया

- Advertisement -

kasg

काजगंज दंगे के लिए एक स्वतंत्र तथ्य-खोज टीम ने आरएसएस और समान विचारधारा वाले संगठन ‘संकल्प फाउंडेशन’ और ‘एबीवीपी’ को दोषी ठहराया है.

इस टीम में यूपी पुलिस के रिटायर्ड आईजी ऑफ़ पुलिस एसआर दरापुरी, वरिष्ठ अधिवक्ता असद हयात खान, वरिष्ठ पत्रकार अमित सेनगुप्ता और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे. जो ‘संयुक्त विरुद्ध हेट’ के बैनर के तहत 2 फरवरी को कासगंज गए थे.

टीम ने कहा कि पुलिस केवल अल्पसंख्यक समुदाय के घरों पर छापा मारने और उन्हें गिरफ्तार करके परेशान कर रही थी. साथ सलीम को लेकर कहा गया कि जब वह घर नहीं था तो पुलिस ने उसकी संपत्ति और सामान को लूट लिया. हालांकि टीम के सदस्यों ने सलीम की गिरफ्तारी पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिस पर चन्दन गुप्ता कासगंज दंगों के दौरान हत्या का आरोप है.

लखनऊ में दारापुरी और पूर्व जेएनयूयूयूयूयू के अध्यक्ष मोहित पांडे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “कासगंज में आरएसएस प्रायोजित सांप्रदायिक हिंसा की छाप देख सकते हैं. जिसे स्थानीय मीडिया ने घटनाओं को आक्रामक तरीके से रिपोर्ट करके हिंसा को उकसाने में एक भूमिका निभाई है. दंगों के दौरान मीडिया ने प्रेरित अफवाह फैलाई थी.

दारापुरी ने कहा कि हिंदुओं और मुस्लिमों, क्षेत्र के स्थानीय लोगो और वकीलों से मिलने के बाद यह निष्कर्ष निकला कि “तिरंगा यात्रा” के मार्ग के बदलने के बाद दंगों की घटना हुईं. उन्होंने कहा, “तिरंगा यात्रा” में शामिल लोग अल्पसंख्यक वर्चस्व वाले क्षेत्र में जा पहुंचे, जहां मुसलमान प्रशासन की नुमति के साथ झंडा फहराने की तैयारी में जुटे थे. जबकि ‘तिरंगा यात्रा’ को बिना अनुमति के निकाली गई थी.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles