नई दिल्ली | मंगलवार को दिल्ली विधानसभा का बेहद ही अहम सेशन चल रहा है. लोगो को उम्मीद थी की इस सत्र में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल , उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर सफाई देंगे. लेकिन सरकार ने ईवीएम् में होने वाली गड़बड़ी पर चर्चा के लिए यह सत्र बुलाया है. विधानसभा का सत्र शुरू होते ही नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने काम रोको प्रस्ताव सदन के सामने रखा.

लेकिन स्पीकर रामनिवास गोयल ने इसकी इजाजत नही दी. फिर भी विजेंद्र गुप्ता अपनी मांग पर अड़े रहे. अंत में स्पीकर ने उनको मार्शल बुलाकर सदन से बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद आप विधायक अलका लांबा ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा की जब पोलिंग बूथ जितनी ईवीएम् चुनाव आयोग के पास मौजूद थी फिर राजस्थान से 5000 ईवीएम् मंगाने की क्या जरुरत थी?

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इसके बाद अलका लांबा ने कुछ तथ्य पेश करते हुए कहा की नगर निगम चुनावो में एक ईवीएम् में 450 के करीब अतिरिक्त वोट पाए गए. वहां पर हमारा उम्मीदवार केवल दो वोटो से हारा. उधर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले केजरीवाल ने राजद, टीएमसी, जेडीयु और माकपा के नेताओं को भी सदन में आमंत्रित किया है. खबर है की आज केजरीवाल सरकार ईवीएम् में छेड़छाड़ का डेमो प्रस्तुत कर सकती ही.

मिली ताजा जानकारी के अनुसार आप विधायक सौरभ भारद्वाज सदन में ईवीएम् लेकर आ गए है. इसके अलावा वो ईवीएम् के बारे में पूरी जानकारी सदन को दे रहे है. उन्होंने दावा किया है की मेरे जैसा एक साधारण इंजिनियर भी केवल 15 दिन की मेहनत से मशीन के अन्दर छेड़छाड़ कर सकता है. इससे पहले अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट करके बताया था की सौरभ भारद्वाज कुछ बड़ा खुलासा करने वाले है.

Loading...