फोर्ब्स ने इस वर्ष की अपनी ‘सुपर एचीवर्स फ्रॉम एशिया अंडर 30’ लिस्ट में बहुत से भारतीयों को स्थान दिया है. पूरे एशिया में से 30 वर्ष से कम की उम्र में सफलता हासिल करने वालों में इतने सारे भारतीयों का जगह बना पाना भारत के लिए बहुत सम्मान का क्षण है.

फोर्ब्स की इस लिस्ट में भारतीय खिलाडी, सफल व्यवसायी, कलाकार आदि अनेक क्षेत्रों में मेहनत कर मुकाम हासिल कर रहे लोग शामिल हैं. ’30 अंडर 30′ की इस लिस्ट के दूसरे वर्ष में फोर्ब्स ने मनोरंजन, वित्त और उद्यम पूँजी, खुदरा, सामाजिक उद्यमी और उद्यम प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के कई सफल लोगों का नाम इस लिस्ट में जोड़ा है. फोर्ब्स की इस सूची में सबसे अधिक 76 लोगों के साथ चीन पहले स्थान पर है. इस सूची में 53 भारतीयों के साथ भारत देश दूसरे नंबर पर है. इन में पद्म श्री दीपा कर्माकर, ओलिंपिक पदक विजेता साक्षी मालिक, अभिनेत्री आलिया भट्ट भी शुमार हैं. इस सूची में 50 से ज्यादा भारतीय लोग हैं.

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23 वर्षीय दीपा कर्मकार त्रिपुरा की रहने वाली हैं. वह भारत की पहली महिला जिमनास्ट हैं जिन्होंने ओलिंपिक में भाग लिया और अंतिम चरण तक पहुँचीं. बेहद कठिन प्रोडुनोवा वाल्ट तक पहुँचने वाली दीपा उन पांच प्रतिभागियों में से एक हैं जिन्होंने इस बेहद कठिन तकनीक में महारत हासिल की है.

लम्बे समय से पोडियम पर जगह बनाने का इंतज़ार कर रहे भारत की इस उम्मीद को पूरा करने वाली 24 वर्षीय साक्षी मालिक ने कांस्य पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया. वह ओलंपिक्स में मैडल जीतने वाली चौथी भारतीय महिला और ओलिंपिक में देश को पदक दिलाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं. फोर्ब्स ने उनके बारे में कहा कि भारत के छोटे से शहर रोहतक से आने वाली साक्षी ने 12 साल की उम्र खेल के विषय में उपेक्षा का सामना किया और इस मुकाम तक पहुंची.

अपने पांच साल के सिनेमाई सफ़र में बहुत से मुकाम हासिल करने वाली आलिया भट्ट पिछले साल प्रदर्शित हुई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में बिहारी प्रवासी महिला की भूमिका निभा कर समीक्षकों के साथ साथ फोर्ब्स की नज़र में भी चढ़ गयीं.

बोल्लंत इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्रीकांत बोल्ला ग्रामीण भारत के किसान परिवार में जन्मे थे. वे जन्म से नेत्रहीन हैं. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बिज़नेसi पढाई करने वाले वो पहले अंतर्राष्ट्रीय छात्र थे जो नेत्रहीन थे. भारत लौटने के बाद, उन्होंने हैदराबाद में एक कंपनी की स्थापना की जो अलग-अलग लोगों को रोजगार देती और प्रशिक्षित करती है ताकि पर्यावरण के अनुकूल और कम्पोस्टेबल पैकेजिंग तैयार हो सकें.

भारत के पहले पैरालम्पिक स्विमर 25 वर्षीय शरद गायकवाड, 96 मैडल सहित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं. इनके अलावा शीसेस फाउंडेशन की संस्थापक 26 वर्षीय तृषा शेट्टी को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करने के लिए फोर्ब्स ने इस लिस्ट में स्थान दिया है. तृषा अपने संगठन के ज़रिये यौन अपराधों की शिकार महिलाओं को शैक्षिक, कानूनी, चिकित्सीय, और मनोवैज्ञानिक रूप से सहायता उपलब्ध कराती हैं.

25 वर्षीय अंकित कावात्रा देश को भूख की समस्या से निजात दिलाने के लिए आगे आये. उन्होंने एक ऐसा एप्प बनाया जो रेस्टोरेंट्स और और ज़रुरतमंदों को आपस में जोड़ता है. उन्होंने रेस्टोरेंट्स के भोजन को ज़रुरतमंदों में बांटने के लिए इस एप्प का निर्माण किया जिससे खाना तो बर्बाद होने से बचे ही, भूखों, ज़रूरतमंद लोगों का पेट भी भरा जा सके.

फोर्ब्स की इस सूची में सबसे कम उम्र के 2 भारतीय सफल लोगों में 15 वर्षीय संजय और 17 वर्षीय श्रवण कुमारन भी शामिल हैं. संजय और श्रवण, दोनों भाई हैं. इन दोनों भाइयों ने मिलकर अब से पांच साल पहले गो डाइमेंशन्स नामक एप्प की स्थापना की थी. इनका ये एप्प अब तक 60 से ज्यादा देशों में 70,000 से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है. ये दोनों भाई भारत में सबसे कम उम्र के मोबाइल एप्लीकेशन प्रोग्रामर हैं.

इनके अलावा इस सूची में हाइक के फाउंडर काविन भारती मित्तल भी शामिल हैं. हाइक, इंस्टेंट मेस्सेनजिंग सर्विस व्हाट्सएप का प्रतिद्वंदी है. इंडिया बेस्ड ऑनलाइन आर्ट गैलरी इकोवा आर्ट्स की फाउंडर 29 वर्षीय वैष्णवी मुरली, 28 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी लेखक, पटकथा लेखक और फिल्म निर्माता कोविद गुप्ता, 24 वर्षीय अमानत आनंद, 23 वर्षीय शुभम इस्सर, सोयापेन की सह संस्थापक 23 वर्षीय योगिता अग्रवाल आदि के नाम भी फोर्ब्स ने इस सूची में शामिल किये हैं.

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