यूपीएससी जिहाद वाले सुदर्शन टीवी के विवादित शो को केंद्र सरकार ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ माना है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह शो प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करता है और यह सांप्रदायिक दुर्भावना को फैलाने वाला है। केंद्र ने कोर्ट को कहा है कि बिना परिवर्तन के इस शो का प्रसारण नहीं किया जा सकता है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कोर्ट में कहा कि चैनल के “यूपीएससी जिहाद” कार्यक्रम जिसमें मुसलमानों को “सरकारी सेवाओं में घुसपैठ” पर एपिसोड दिखाया है, वह अच्छे संदर्भ में नहीं था और इससे “सांप्रदायिक भेदभाव को बढ़ावा मिलने” की आशंका है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि चैनल को “भविष्य में सावधान” रहना चाहिए। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर आगे से नियमों का उल्लंघन किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि कार्यक्रम के शेष एपिसोड का प्रसारण लंबित मामले में शीर्ष अदालत के आदेश के अधीन होगा।

बता दें कि मामले की पहली सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह शो मुस्लिमों को बदनाम करने का एक प्रयास है और तुरंत उसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इस दौरान जज ने कहा था, आप एक खास समुदाय को टारगेट नहीं कर सकते और न ही उन्हें एक विशेष तरीके से ब्रांड बना सकते हैं।

इस मामले में 26 अक्टूबर को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि मंत्रालय इस शो के सारे रेकॉर्ड रखेगा। इसके बाद 4 नवंबर को मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि अभिव्यक्ति की आजादी मौलिक अधिकार है, लेकिन इस शो में प्रोग्राम कोड का उल्लंघन हो रहा है।

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