अहमदाबाद में साबरमती नदी में कूदकर आयशा द्वारा आत्महत्या करने के बाद दहेज के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुहीम शुरू कर दी है। हैदाराबाद के पुराने शहर के दारूशेफ़ा इलाके में स्थित जामिया मस्ज़िद में जुम्मे की नमाज के दौरान बोर्ड के सदस्य मौलाना मोहम्मद हुशैमुद्दीन सानी जाफर पाशा ने कहा कि हम सभी लोग मिलकर दहेज का विरोध करेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर कोई भी शादियों में ज्यादा दहेज का लेनदेन होगा उस शादी में हम हिस्सा नहीं लेंगे यकीनन इस पर फर्क पड़ेगा। सभी उलेमाओं को हमारे साथ आकर विरोध करना चाहिए तभी किसी भी काजी का हिम्मत नहीं होगा। मौलाना पाशा ने कहा कि हम सब अभी चुप हैं इसीलिए ये काजी दहेज लेकर शादी कराने का हिम्मत कर रहे हैं। सभी उलेमा मिलकर लोगों को निवेदन करें कि जो भी शादी में ज्यादा खर्च करेगा, फिजूलखर्ची करेगा, उस शादी में हिस्सा नहीं लेंगे, तभी इस दहेज प्रथा पर काबू पा सकेंगे।

वहीँ इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के मौलाना केआर फिरंगी महली ने कहा कि यह घटना परेशान करने वाली थी और महिला का वीडियो सभी मुसलमानों को सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा, “गुजरात में हाल की घटना जिसमें एक लड़की की आत्महत्या से मृत्यु हो गई, परेशान कर रही है। उनका वीडियो दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए सभी मुसलमानों के लिए एक संदेश है क्योंकि यह नाजायज और हराम है।

इससे पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि दहेज को लेकर एक महिला को प्रताड़ित करना मर्दानगी की निशानी नहीं है।

ओवैसी ने एक सभा में आयशा की मौत का जिक्र करते हुए कहा, अहमदाबाद से एक बच्ची का वीडियो आया है, जिसने खुदकुशी कर ली। ये बहुत दर्दनाक है। उस बच्ची (आयशा) पर जुल्म किया गया और इस कदर उसको परेशान कर दिया गया कि उसने जिंदगी खत्म कर ली। मैं तो अल्लाह से दुआ करूंगा कि उस बच्ची पर जुल्म करने वालों को बर्बाद कर दे।

ओवैसी ने आगे कहा, मैं आप तमाम से अपील करता हूं कि आप किसी भी मजहब के मानने वाले हों लेकिन इस दहेज के लालच से दूर रहो। इस दहेज को खत्म करो। ये समझ लो कि बीवी पर जुल्म करना, उस पर हाथ उठाना और उससे पैसा मांगना मर्दानगी नहीं है। समझ नहीं आता कि क्या हो गया है, बच्चियों को मारकर मर्द बन रहे हो, क्या इंसानियत मर चुकी है। दुनिया की नहीं तो मरने के बाद की सोचिए कि अल्लाह को क्या मुंह दिखाओगे।