चुनाव आयोग ने की अशोक लवासा की मांग ख़ारिज – असहमति को फैसले में नहीं किया जाएगा शामिल

5:48 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के निस्तारण में आयोग के सदस्यों के ‘असहमति के मत’ को फैसले का हिस्सा बनाने की चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की मांग को 2-1 बहुमत के आधार पर अस्वीकार कर दिया।

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसे मामलों में असहमति या अल्पमत के विचारों को रेकॉर्ड में रखा जाएगा, लेकिन उन्हें फैसलों में शामिल नहीं किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा की राय थी कि चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में फैसले न्यायिक नहीं होते। ऐसे में इन फैसलों में अल्पमत की राय या फिर असहमति को आदेश में शामिल नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के निस्तारण में असहमति का फैसला देने वाले लवासा ने ‘असहमति के मत’ को भी आयोग के फैसले में शामिल करने की मांग की थी।

इसी मुद्दे पर मंगलवार को आयोग ने बैठक की गई थी। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा सुशील चंद्र और अशोक लवासा भी शामिल हुए। लवासा ने असहमति जताते हुए आयोग की बैठकों में जाना बंद कर दिया था। जिसके बाद से आयोग के अंदरुनी मतभेद सभी के सामने आ गए थे।

इसी बीच चुनाव आयोग ने ईवीएम संबंधी शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए एक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) बनाया है जिसने मंगलवार से काम करना शुरु कर दिया है। आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार निर्वाचन सदन से संचालित कंट्रोल रूम चुनाव परिणाम आने तक 24 घंटे कार्यरत रहेगा।

मतगणना के दौरान ईवीएम से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना कंट्रोल रूम के नंबर 011-2305212 पर दी जा सकती है।

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