चुनाव आयोग ने रविवार को ईवीएम् में गड़बड़ी साबित करने की दी चुनौती कहा, हमारी मशीन हैक प्रूफ

12:56 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली | शुकवार को चुनाव आयोग ने देश की 55 राजनितिक पार्टियों की सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें 48 क्षेत्रीय और 7 राष्ट्रिय पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. ईवीएम् पर लगातार उठ रहे सवालों को जवाब देने के लिए चुनाव आयोग ने यह बैठक बुलाई थी. बैठक शुरू होने के बाद आयोग ने एक प्रेजेंटेशन देकर बताया की उनकी मशीन हैक प्रूफ है. इस दौरान ईवीएम् के सिक्यूरिटी फीचर्स का ब्यौरा दिया.

अकाली दल के नेता और राजौरी से विधायक चुने गए मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया की चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों से कहा है की वो रविवार को आये और ईवीएम् को हैक करके दिखाए. इसके लिए सभी पार्टी एक्सपर्ट्स सहित तीन लोगो को भेज सकती है. चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों से कहा की वो दो दिन बाद आपको ईवीएम देंगे, अपने एक्सपर्ट्स लेकर आइये, प्रूव योर बेस्ट.

बताते चले की पिछले दो महीनो से ईवीएम् को लेकर खूब विवाद चल रहा है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी की बम्पर जीत के बाद विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम् में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की. इनमे सबसे ज्यादा मुखर आम आदमी पार्टी दिख रही है. उन्होंने विधानसभा में ईवीएम् जैसी दिखने वाली मशीन में छेड़छाड़ करके भी दिखाई. इसके बाद ईवीएम् को लेकर उनका रुख और आक्रमक हो गया.

दरअसल यह पहली बार नही है जब ईवीएम् पर सवाल उठे हो. साल 2009 में कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार बनने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और जे एल नरसिम्हा राव ने ईवीएम् में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था. जे एल नरसिम्हा राव ने तो बाकायदा ईवीएम् को हैक करने के ऊपर एक किताब भी लिखी है. इसके बाद 2013 में सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ईवीएम् के साथ VVPAT लगाने की मांग की.

कोर्ट ने उनकी मांग को मानते हुए 2013 में ही VVPAT लगाने के आदेश दे दिए. लेकिन केंद्र सरकार ने पिछले चार सालो में चुनाव आयोग को VVPAT के जरुरी फंड मुहैया नही कराया. इसके लिए चुनाव आयोग ने कई बार सरकार के पास प्रस्ताव भी भेजा. फ़िलहाल खबर है की सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केंद्र सरकार ने VVPAT खरीदने के लिए करीब 3 हजार करोड़ रूपए जारी कर दिया है.

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