बीएमसी चुनावो में खड़े हुए उम्मीदवार ने लगाया था आरोप, नही मिली खुद की भी वोट, चुनाव आयोग ने किया खुलासा

11:41 am Published by:-Hindi News

नई दिल्ली | पिछले दो महीनो से ईवीएम विवाद पर छिड़ी जंग खत्म होने का नाम नही ले रही है. खासकर आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को छोड़ने के बिलकुल मूड में नही है. यही वजह है की उन्होंने दो दिन पहले ईवीएम् जैसी दिखने वाली मशीन को विधानसभा में हैक करके दिखाया और गुरुवार को चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया. दरअसल यह पूरा मामला बीएमसी चुनावो के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ.

यहाँ बीएमसी चुनावो में निर्दलीय खड़े हुए एक उम्मीदवार ने दावा किया था की मतगणना के दिन उन्हें उस बूथ से एक भी वोट नही मिली जहाँ उनकी खुद की वोट है. उन्होंने दावा किया था की उन्होंने और उनके परिवार वालो ने उनकी ही वोट दी थी लेकिन मतगणना में उन्हें एक भी वोट नही मिली. श्रीकांत गणपत नामक इस उम्मीदवार का जिक्र आम आदमी पार्टी भी कई बार कर चुकी है.

खुद आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने इनका उदहारण दिल्ली विधानसभा में दिया. लेकिन चुनाव आयोग के अनुसार श्रीकांत का यह दावा गलत है. चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर बताया की श्रीकांत की दो बूथों पर वोट बनी हुई है. कमिश्नर अविनाश टी सनस के अनुसार श्रीकांत 164 नम्बर साकी नाका क्षेत्र से खड़े हुए थे. लेकिन चौकाने वाली बात यह है की वोटर लिस्ट में उनका नाम दो बूथों पर दर्ज है. बूथ नम्बर 29 और 15 दोनों जगह उनका नाम है.

इंडियन एक्सप्रेस ने अविनाश के हवाले से बताया की वो लम्बे समय से बूथ नम्बर 29 के क्षेत्र में रह रहे है. इसलिए उन्होंने इस बूथ पर अपना वोट दिया होगा. श्रीकांत का यह आरोप की उन्हें खुद और उनके परिवार की वोट भी नही मिली , गलत है. क्योकि उनको बूथ नम्बर 29 पर 11 वोट मिले जबकि बूथ नम्बर 15 पर उनको दो वोट मिले. इस तरह किसी उम्मीदवार का दो जगह नाम होना धारा 17 और 18 का उलंघन है जो कहती है की एक शख्स का नाम एक ही चुनावी क्षेत्र में होगा.

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