रविवार को नागपुर में एसोसिएशन फार सोसल एंड इकोनामिक इक्वेलिटी (एएसईई) की शुरुआत करते हुए अपने संबोधन में पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि देश में बिना धर्मनिरपेक्ष सरकार के आर्थिक बराबरी मुमकिन नहीं है.

पूर्व उप राष्ट्रपति ने कहा, नागरिकों के बीच सामाजिक और आर्थिक समानता के लिये कोई भी प्रयास तबतक संभव नहीं हैं जब तक कि कोई भी सरकार वास्तविक अर्थों में धर्मनिरपेक्ष नहीं हो.  इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में गरीबी, असमानता, भेदभाव और अस्पृश्यता पर एक स्टेटस रिपोर्ट भी जारी की.

रिपोर्ट को जारी करते हुए अंसारी ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में मानव विकास में देश के अन्य हिस्सों की तरह असमानता है. न्याय तथा सामाजिक शांति की यह मांग है कि मानव विकास न केवल प्राथमिकता के आधार पर हो बल्कि यह न्याय संगत भी हो.  इस रिपोर्ट को संगठन के अध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व चेयरमैन सुखदेव सिंह थोराट ने तैयार किया.

ध्यान रहे रिटायर होने से पहले दिये एक इंटरव्यू में अंसारी  ने कहा था, इस वक्त देश के मुसलमानों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना है. राज्यसभा टीवी पर इंटरव्यू में अंसारी ने भीड़ द्वारा लोगों को पीट-पीटकर मार डालने की घटनाओं, ‘घर वापसी’ और तर्कवादियों की हत्याओं का हवाला दिया था.

उन्होंने कहा था कि यह ‘‘भारतीय मूल्यों का बेहद कमजोर हो जाना, सामान्य तौर पर कानून लागू करा पाने में विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की योग्यता का चरमरा जाना है और इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात किसी नागरिक की भारतीयता पर सवाल उठाया जाना है.”

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