मुस्लिम लीग के प्रमुख और केरल से वरिष्ट सांसद ई.अहमद के निधन को लेकर विपक्ष जांच की मांग किये हुए हैं. विपक्ष का आरोप हैं कि सरकार ने बजट जारी करने के लिए सांसद की निधन की खबर को छुपाये रखा.

ऐसे में अब राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) ने ऐसे आरोपों को गलत करार देते हुए कहा कि अहमद जीवित अवस्था में अस्पताल लाए गए थे. उनका निधन बुधवार तड़के 2.15 बजे हुआ. आरएमएल के मेडिकल सुपेरिंटेंडेंट (एमएस) ए.के.गडपाएले ने कहा, ‘हम क्यों किसी के राजनीतिक दबाव में आएंगे. इस तरह का आरोप मनोबल तोड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं.’

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उन्होंने कहा, ‘हम पर कोई राजनैतिक दबाव नहीं था. प्रोटोकॉल इस बात की इजाजत नहीं देता कि उपचार के दौरान किसी को आईसीयू में जाने दिया जाए. अहमद उस वक्त जीवित थे, जब अस्पताल लाए गए थे. उनका निधन तड़के 2.15 पर हुआ. आरोपों से मुझे तकलीफ पहुंची है.’

गडपाएले के मुताबिक, अहमद की बेटी (जोकि डॉक्टर हैं) को मॉनीटर दिखाया गया था. पिता के बारे में मिली जानकारियों से वह ‘बहुत संतुष्ट’ थीं.

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