डॉ बी आर अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को दशहरे पर की जाने वाली हथियार पूजा को लेकर निशाने पर लिया हैं. उन्होंने बुधवार को दावा किया कि विजयदशमी के दिन जो शस्त्र संघ द्वारा प्रदर्शित किए जाते हैं. उनका इस्तेमाल दलित और मुसलमानों के खिलाफ किया जाता है.

उन्होंने कहा, ” मैं संघ से सवाल पूछना चाहता हूं जो आज सरकार में है. आपके दुश्मन कौन हैं? विजयदशमी पर वो हथियारों की नुमाइश लगाकर उनकी पूजा करते हैं. ऐसी पूजा राजाओं के द्वारा करने का मतलब समझ में आता था. उन्हें अपने राज्य की रक्षा करनी होती थी. पर आज हम स्वतंत्र हैं। तो इस तरह की मनोवृत्ति की क्या जरूरत है। हमें शांति, विकास और भाईचारा चाहिए.”

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प्रकाश ने आगे कहा कि ,” हम संघ से पूछना चाहते हैं आप इन हथियारों का इस्तेमाल किनके खिलाफ करना चाहते हैं. पाकिस्तान से लोग यहां आकर बम फोड़ कर वापस चले जाते हैं लेकिन क्या कभी किसी ने सुना कि संघ या विश्व हिंदू परिषद या बजरंग दल का कोई सैनिक पाकिस्तान गया हो और उसने वहां बम फोड़ा हो. अगर कोई वहां जाता और वहां बम फोड़कर वापस आता तब मैं समझ सकता था कि हाथियारों की पूजा पाकिस्तान के लिए है लेकिन सच्चाई ये है कि वो पाकिस्तान से डरते हैं.”

प्रकाश ने दलितों से मंदिर में न जाने की अपील करते हुए कहा कि दलितों को मंदिर जाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि मंदिर के पैसों का इस्तेमाल संघ के कार्यक्रम में होता है. उन्होंने कहा, “देश के छोटे मंदिर भी 40,000 करोड़ रुपए सालाना इकट्ठा करत हैं और इस पैसे का इस्तेमाल संघ को चलाने और हथियार इक्ट्ठे करने में होता है. अगर दलित मंदिर जाना और धार्मिक संगठनों को दान देना बंद कर दे तो संघ की आधी शाखा बंद हो जाएंगी.”