अडानी के दो मामलों में बरती गई अनियमितता, मुख्य न्यायाधीश को वकील ने लिखा खत

6:44 pm Published by:-Hindi News

सर्वोच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और सीनियर वकील दुष्यंत दवे ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को खत लिखकर आरोप लगाया है कि अडानी समूह से जुड़े दो मामलों को जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली ग्रीष्मावकाश पीठ के सामने सूचीबद्ध करने में अनियमितता बरती गई।

दवे ने 11 पेज का यह पत्र शुक्रवार को लिखा। उन्होंने इसे सर्वोच्च न्यायालय की ग्रीष्मावकाश पीठ के सामने मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया का उल्लंघन बताया। वरिष्ठ वकील दवे ने लिखा कि 12 जनवरी 2018 को चार सीनियर जजों की सर्वोच्च न्यायालय के संचालन को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी हालात खराब हुए हैं।

उन्होने कहा, देश और संस्थान के लिए दूरगामी साबित होने वाले मामलों और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े मामलों को बिना किसी औचित्य योजनाबद्ध तरीके से वरीयता’ वाली पीठों को सौंपा गया।

अडानी समूह के दो मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि इन मामलों को ग्रीष्मावकाश के दौराना जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया जो कि सर्वोच्च न्यायालय की प्रक्रिया का उल्लंघन था। इन मामलों पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता भी नहीं थी।

दवे ने आरोप लगाया है कि इन दोनो निर्णयों से अडानी समूह को हजारों करोड़ में कुल लाभ होगा। उन्होंने सीजेआई से अपील की कि वह इस मामले को देखें और इस संस्था की रक्षा के लिए उचित सुधारात्मक कदम उठाएं।

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