पणजी | गोवा में हाल ही के विधानसभा चुनावो में दुसरे नम्बर की पार्टी बनने के बावजूद बीजेपी को सरकार बनाने का आमंत्रण मिला. इसलिए रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने अपने पद से इस्तीफा देकर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मंगलवार को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गयी. परिकर चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री बने है. गुरुवार को उन्हें सदन में बहुमत सिद्द करने के लिए कहा गया है.

लेकिन चार बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद मनोहर परिकर ने शपथ के दौरान ऐसी भूल की जिसकी वजह से काफी समस्या पैदा हो सकती थी. लेकिन केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सूझबूझ से ऐसा होने से पहले ही मामला सुलझा लिया गया. यही कारण था की मनोहर परिकर को दो बार शपथ लेनी पड़ी.

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दरअसल मंगलवार को शाम 5 बजे के करीब मनोहर परिकर दोना पौला स्थित राजभवन पहुंचे. यहाँ वो कुछ हड़बड़ी में दिखाई दिए. जब शपथ लेने के लिए मनोहर परिकर को बुलाया गया तो वो शपथ का कागज़ ढूंढते दिखाई दिए. इससे वहां थोड़ी गहमा गहमी बढ़ गयी और आनन फानन में परिकर को एक कागज थमा दिया गया. इसी कागज को पढ़कर परिकर ने अपनी शपथ पूरी की.

इसके बाद परिकर राजभवन के सभागार में रखे रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए जैसे ही पहुंचे तभी नितिन गडकरी दौड़ते दौड़ते उनके पास पहुंचे और उन्हें हस्ताक्षर करने से मना किया. दरअसल परिकर ने मुख्यमंत्री की जगह कैबिनेट मंत्री की शपथ ले ली. इसके बाद राज्यपाल मृदुला सैनी को सारी जानकारी दी गयी तब उन्होंने परिकर दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई.

दरअसल जो शपथ कागज आनन फानन में परिकर को पकड़ा गया वो गलती से कैबिनेट मंत्री वाला दे दिया गया. जिसकी वजह से यह सारी उलझन पैदा हुई. परिकर ने पूरी शपथ कोंकणी भाषा में ली. मालूम हो की शपथ ग्रहण का पूरा जिम्मा राजभवन के प्रशासनिक विभाग और प्रोटोकॉल विभाग मिलकर देखता है.

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