big 429272 1472484108

big 429272 1472484108

देहरादून । पब्लिक ट्रांस्पोर्ट के घटते स्तर ने काफ़ी लोगों को निजी वाहन से चलने के लिए मजबूर किया है। यही वजह है की सड़को पर वाहनो की संख्या दिनो दिन बढ़ रही है। जो बढ़ते वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। पीछले कुछ सालो में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी वाहनो की संख्या में अप्रत्याशित तौर पर वृद्धि देखी गयी है। इसके अलावा सीमवर्ती राज्यों से भी हज़ारों गाड़ियाँ रोज़ाना देहरादून में प्रवेश करती है।

दिल्ली से आने वाले ज़्यादातर वाहन उत्तर प्रदेश के मोहंड से होते ही देहरादून पहुँचते है। लेकिन यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने वाला यह रास्ता अक्सर जाम से पटा रहता है। पहले पहाड़ों का रास्ता संकरा होने से जाम की स्थिति पैदा होती थी लेकिन अब सभी पुलियाओ का चौड़ीकरण से होने से यह समस्या ख़त्म हो गयी। फिर भी यहाँ अक्सर जाम देखने को मिलता है। जिसकी वजह से हज़ारों लोग घंटो तक सड़क पर खड़े रहते है।

जब इस बारे में पड़ताल की गयी तो पता चला की इस रास्ते पर पड़ने वाली एक टनल की वजह से यहाँ जाम लग रहा है। टनल के संकरा होने की वजह से केवल एक ही साइड से वाहन आ सकते है। यह बात जानते हुए भी कुछ लोग टनल में घुस जाते है और सामने से आने वाले वाहन को रोक देते है। जिसकी वजह से काफ़ी पहले से यहाँ जाम की स्थिति पैदा होती है।

इस समस्या को हल करने के लिए राज्य सरकार ने टनल के दोनो और रेड राइट लगायी थी। कुछ दिन तक लोगों ने रेड लाइट का पालन किया तो यहाँ जाम लगना बंद हो गया। लेकिन हाल फ़िलहाल में यहाँ दोबारा जाम लगना शुरू हो गया है। देहरादून के एक निजी विश्वविधालय में पढ़ाने वाले जितेंद्र सिरोही और हिमांशु गुप्ता रोज़ाना रूड़की से देहरादून अप डाउन करते है। इन लोगों ने हमारे संवादाता से फ़ोन पर बात करते हुए जाम के कारणो का ख़ुलासा किया।

इन्होंने बताया कि टनल पर रेड लाइट लगने के बावजूद काफ़ी लोग इसका पालन नही कर रहे है। दोनो ही और से रेड लाइट होने के बावजूद कार और ट्रक चालक टनल में घुस जाते है। जिसकी वजह से टनल ब्लाक हो जाती है और दोनो ही तरफ़ से आवागमन ठप्प हो जाता है। जिसकी वजह से हमें घंटो जाम में फँसा रहना पड़ता है। बाद में पुलिस आकर जाम खुलवाती है।

पूरी पड़ताल के बाद पता चला की जनता और प्रशासन की लापरवाही की वजह से रोज़ाना हज़ारों लोग जाम में फँसते है। चूँकि इस जगह पर पुलिस की कोई तैनाती नही है इसलिए कोई भी वाहन चालक अपनी मनमर्ज़ी करता है और बाक़ी लोगों को मुसीबत में धकेल देता है। हालाँकि इस बात की तो उम्मीद कम है की जनता ख़ुद ज़िम्मेदारी लेते हुए रेड लाइट का पालन करे। इसलिए प्रशासन को यहाँ सीसीटीवी लगाकर उन लोगों पर जुर्माना लगाना चाहिए जो रेड लाइट क्रोस करते है।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें