देश के मुसलमानों के लिए गाय बम से भी खतरनाक हो चुकी हैं. एक बार बम से बचने का मौका मिल सकता हैं लेकिन गाय के नाम पर कभी भी देश के किसी भी हिस्सें में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा सकता हैं.

हाल ही में राजस्थान के अलवर में हुई पहलू खान की हत्या के बाद झुलासा हुआ कि मेवात के नूह के रहने वाले पहलू खान के गाँव में पहले ही गाय के नाम पर 10 लोगों की जान ली जा चुकी हैं. ऐसे में अब गाँव के मुस्लिमों ने गाय से दूर रहने का फैसला किया है. गौआतंक के चलते गाँव के मुस्लिम गाय पालने से डर रहे हैं.

इस बात बात का फैसला जल्द ही पलवल जिले के हथीन में होने वाली महापंचायत में हो सकता है. जिसमें हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होंगे. महापंचायत बुलाने की बात हथीन से पूर्व विधायक मास्टर अजमत खां ने कही है. उनका कहना है कि आरएसएस और बीजेपी के लोगों ने मेवात के मुसलमानों को गोहत्यारा साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

जबकि मेवात के 75 फीसदी मुस्लिम घरों में गाय पाई जाती है. यहाँ करीब 300 परिवार ऐसे हैं जिनके पास 20 से 200 तक गायें आज भी मौजूद हैं. गाय पालने के लिए मुस्लिम गाय पालकों को फिरोजपुर झिरका में सम्मानित भी किया जा चुका हैं.

Loading...