nishan

स्वदेशी सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस का डाटा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को लीक करने के आरोपी एयरोस्पेस इंजीनियर निशांत अग्रवाल के बारें में बड़ा खुलासा हुआ है। वह नेहा शर्मा और पूजा रंजन के नाम फर्जी एकाउंट पर पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था।

यूपी एटीएस ने मंगलवार को नागपुर में जूनियर मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एस एम जोशी की अदालत में निशांत को पेश कर उसे लखनऊ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगा। इस दौरान यूपी एटीएस ने कोर्ट को बताया कि निशांत अग्रवाल बहुत संवेदनशील काम में लगे होने के बावजूद इंटरनेट इस्तेमाल करने को लेकर काफी लापरवाह था। इसके चलते वह पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी का आसान शिकार बना।

महाराष्ट्र एटीएस के अतिरिक्त अभियोजक एसजे बागदे ने बताया कि अदालत ने तीन दिन का रिमांड मंजूर कर लिया है। देर शाम यूपी पुलिस निशांत को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई। लखनऊ में निशांत से पूछताछ किए जाने के अलावा उसे विशेष एटीएस अदालत के सामने भी पेश किया जाएगा।

एटीएस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के निजी लैपटॉप में पीडीएफ फॉरमेट में विशेष फाइलें मिली हैं। जांच अधिकारी ने कहा कि ये सब शीर्ष गोपनीय सूचनाएं हैं, जिन्हें अगर साझा किया जाए तो यह देश के लिए खतरा हो सकता है। एटीएस ने नागपुर स्थित उसके आवास से एक कम्प्यूटर जब्त किया गया है जिससे गोपनीय दस्तावेज मौजूद हैं।

इसके अलावा अग्रवाल के रूड़की स्थित आवास से एक पुराना कम्प्यूटर भी जब्त किया गया है और इसकी सामग्री की जांच की जा रही है। निशांत को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3, 4, 5 व 9 समेत आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 120 (बी) व 121 (ए) और आईटी एक्ट की धारा 66 (बी) के तहत आरोपी बनाया गया है।

बेटे के गिरफ्तारी पर प्रदीप ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वह दोषी है. लेकिन अगर वह दोषी है और व्यवस्था साबित करती है तो वह दोषी है तो हां, वह दोषी है।’

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें