amuuu

बोहरा समुदाय के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार को लगातार दूसरी बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) चुन लिए गए। रविवार को हुई कोर्ट की विशेष बैठक में 103 सदस्यों ने उन्हें निर्विरोध चुना।

साथ ही नवाब छतारी इब्ने सईद खां भी फिर सह कुलाधिपति चुन लिए गए हैं। वहीं इब्ने सीना अकादमी के अध्यक्ष एवं यूनानी चिकित्सा के प्रख्यात विद्वान पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लुर रहमान को विश्वविद्यालय का मानद कोषाध्यक्ष चुना गए हैं। पचास सालों में पहली बार तीनों प्रतिष्ठित पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।

तीनों प्रत्याशी एएमयू के पैनल में शामिल थे। 34 साल में पहला मौका है कि पैनल के सभी प्रत्याशी इंतजामिया के जीते हैं।सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन 2015 में भी चांसलर बने थे। तब पूर्व कुलपति महमूद उर रहमान ने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था।  रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार तीनों पदों का कार्यकाल तीन साल होगा।

amuu

सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के लाइजनिंग ऑफिसर शब्बीर सुनील वाला बैठक में सैयदना की ओर से शामिल हुए। उन्होंने बताया कि चांसलर बनने की खबर मुंबई दे दी है। सैयदना मुंबई में नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सैयदना पीएम मोदी के करीबी हैं, इसका एएमयू को लाभ दिलाएंगे।

कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि 50 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब इंतजामिया का पैनल निर्विरोध जीता हो। इससे साबित होता है कि एएमयू के विकास के लिए सभी एकजुट हैं। चुने गए लोगों के सहयोग से संस्था विकास के पथ पर अग्रसर होगी।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें