Friday, December 3, 2021

डॉ कफील खान मथुरा जेल से हुए रिहा, बोले – STF का शुक्रगुजार जो मुझे एनकाउंटर में नहीं मारा

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार डॉक्टर कफील खान को मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया है। दरअसल, 1 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफील को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए थे। साथ ही कफील पर लगाए एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) को भी रद्द कर दिया था।

रिहा होने के बाद कफील ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आदेश में उन्होंने लिखा है उत्तर प्रदेश सरकार ने एक झूठा बेसलेस केस मेरे ऊपर थोपा। बिना बात के ड्रामा करके केस बनाए गए और 8 महीने तक इस जेल में रखा। इस जेल में मुझे पांच दिन तक बिना खाना, बिना पानी दिए मुझे प्रताड़ित किया गया। मैं उत्तर प्रदेश के एसटीएफ को भी धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने मुंबई से मथुरा लाते समय मुझे एनकाउंटर में मारा नहीं है।’

वहीं एनडीटीवी से बातचीत में उन्होने बताया कि जनवरी में उन्हें गिरफ्तार करने के बाद जब उन्हें जेल लेकर गए तो पहले पांच दिन बुरी तरह से प्रताड़ित किया। न तो उन्हें खाना दिया और न ही पानी, साथ ही कुछ अजीबो-गरीब सवाल भी पूछे गए। रामायण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पढ़ा है कि राजा को राजधर्म का पालन करना चाहिए उसे राजहठ नहीं करना चाहिए, लेकिन यहां मेरा राजा बालहठ कर रहा।

उन्होने आगे कहा कि कहा कि जिस भाषण को भड़काऊ बताकर मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई, वह दिंसबर 2019 का था और मेरी गिरफ्तार 29 जनवरी को हुई है। बीच के समय में मुझे इस बारे में जानकारी नहीं थी कि मेरे भाषण को भड़काउ बताकर एफआईआर दर्ज की गई है। और न ही मुझसे किसी तरह के सवाल पूछे गए।

कफील ने बताया कि गोरखपुर अस्पताल में हुए मामले को लेकर मुझे दूसरी जांच में 23 जनवरी को क्लीन चिट मिली थी. इसके बाद सरकार ने परेशान होकर मुझ पर इस तरह से कार्रवाई की जैसे मैं कोई आतंकवादी हूं। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या बच्चों को बचाना आतंकवाद होता है।

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