Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

डॉ. आरती लालचंदानी का झांसी तबादला, मुस्लिमों के खिलाफ की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

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मुस्लिमों के खिलाफ इस्लामोंफोबिक टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का झांसी तबादला कर दिया गया है। हालांकि डॉ. लालचंदानी ने झांसी आने से इनकार किया है।

दरअसल, प्राचार्य ने कोरोना को लेकर जमातियों पर अभद्र टिप्पणी की थी। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर अस्पताल में इलाज कराने आए तब्लीगी जमात के सदस्यों को आ’तंकी बताया था। और कहा था कि इन लोगों को  जेल भेजा जाना चाहिए, लेकिन उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। जिन्हें जंगल में छोड़ना चाहिए वे यहां हैं। इससे अस्पताल के संसाधन और मैनपावर सभी का नुकसान हो रहा है। डॉ. लालचंदानी एक जगह कहती हैं कि सरकार की यूपी सरकार खुशामदी के लिए इन्हें अस्पताल में भर्ती करवा रही है, जबकि इनके साथ सख्ती बरती जानी चाहिए।

डॉ. लालचंदानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आदेश तो नहीं मिला लेकिन तबादला हो गया है। अभी सितंबर तक उनका कार्यकाल है। ऐसे में उन्होंने झांसी आने से इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि वह किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू लखनऊ के कुलपति की दौड़ में भी शामिल हैं। उनका कार्यकाल तीन महीने बचा है। ऐसे में वह झांसी ज्वाइन करने के बजाए इस्तीफा दे सकती हैं।

वहीं दूसरी और डॉ. आरती लालचंदानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने कानपुर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। जनता का रिपोर्टर के मुताबिक अपनी शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के वकील अली जैदी ने लिखा, “मैं डॉक्टर आरती लालचनंदानी, जो कानपुर के गणेश विधाती मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल हैं उनके खिलाफ नीचे बताई गई धाराओं के तहत F.I.R के पंजीकरण के लिए यह शिकायत कर रहा हूं।

डॉक्टर आरती लालचंदानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों की बातचीत का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें एक संप्रदाय के सदस्यों और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है और उन्होंने ये टिप्पणी की: “वे आतंकवादी हैं आतंकवादियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देना।” उन्हें जंगलों में भेज दो, काल कोठरी में फेंक दो। इन 30 करोड़ की वजह से 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उनकी वजह से वित्तीय आपातकाल है।”

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