Sunday, December 5, 2021

महाकालेश्वर पर निर्णय देकर बोले जस्टिस मिश्रा – शिवजी की कृपा से आखिरी फैसला भी हो गया

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उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर के प्रबंधन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज अपना फैसला सुना दिया है। अपना फैसला सुनाने के बाद मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा (Justice Arun Mishra) ने साथी जजों से कहा कि शिवजी की कृपा से ये आखिरी फैसला भी हो गया।

दरअसल, कोर्ट ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं।  जस्टिस मिश्रा मंदिर प्रबंध समिति निर्देश दिया कि महाकालेश्‍वर मंदिर में शिवलिंग (Shivling) को संरक्षण दिया जाए। ऐसा इसलिए क्‍योंकि शिवलिंग का क्षरण हो रहा है।

बता दें कि यह जस्टिस अरुण मिश्रा की ओर से सुनाया गया आखिरी फैसला था। बुधवार को उनका कार्यकाल खत्‍म हो रहा है। वह 2 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस मिश्रा ने अपने विदाई समारोह में शामिल करने से इनकार कर दिया। कोरोना महामारी को इस की वजह माना जा रहा है।

इससे पहले सोमवार को उन्होंने प्रशांत भूषण अवमानना केस (Prashant Bhushan Case) समेत चार मामलों में फैसला सुनाया था। मंगलवार को महाकालेश्वर मंदिर के प्रबंधन को लेकर आदेश सुनाने से पहले AGR मामले पर भी फैसला सुनाया।

शिवलिंग के संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के अहम दिशा निर्देश-

1. शिवलिंग पर कोई रगड़ नहीं किया जाना चाहिए।
2. किसी भी भक्त को शिवलिंग को रगड़ने की अनुमति नहीं है
3. दही, घी और शहद का घिसना भी बंद कर देना चाहिए और केवल शुद्ध दूध शिवलिंग पर डालना चाहिए।
4. यदि पुजारी या पुरोहित द्वारा कोई उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो मंदिर समिति उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
5. मंदिर समिति अपने संसाधनों और शुद्ध पानी से शुद्ध दूध उपलब्ध कराएगी।
6. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रुड़की की सम्बंधित विभाग 6 महीने के भीतर डिटेल रिपोर्ट दखिल करेगी।

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