हाल ही में उत्तर प्रदेश के इकलौते मुस्लिम मंत्री की और से राज्य के अमीर मुसलमानों से हज सब्सिडी छोड़ने की अपील की करने के बाद हज सब्सिडी का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया हैं.

दरअसल, यूपी के मुस्लिम वक्फ और हज मंत्री मोहसिन रजा ने अपील करते हुआ कहा था कि ”मैं धनी मुसलमानों से अपील करता हूं कि वे हज सब्सिडी छोड दें ताकि गरीब और जरूरतमंद हज पर जा सकें.’’ ऐसे में अब मुस्लिम उलेमाओं की तरफ से कहा गया कि हज सब्सिडी के नाम पर मुस्लिमों को सिर्फ बेवकूफ बनाया जा रहा हैं. असल में तो घाटे में चलने वाली सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया को फायदा पहुंचाने के लिए ही हज सब्सिडी का ये सारा खेल हैं.

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरँगी महली ने बताया की मैं लगभग 10 वर्षों से सबसिडी ख़त्म करने की मनाग उठा रहा हूँ. उन्होंने कहा, हज अपनी कमाई से होता है. अगर हुकूमत कुछ करना ही चाहती है तो ग्लोबल टेंडर करा ले जब आम दिनों में बल्क में टिकट कराने में मुफ्त टिकट मिलते हैं तो इतनी आबादी तादाद में टिकट लेने पर और छूट मिलेगी. हज की तारीखें तै हैं कुछ दिन का फ़र्क़ होता है .पहले से ही ग्लोबल टेंडर के ज़रिये टिकट होने चाहिए ताकि टिकट की कीमत कम हो और सब्सिडी का एहसान भी न हो.

शिया चाँद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास का कहना है कि सब्सिडी के नाम पर मुसलमानों को बेवकूफ बनाया जा रहा है. किराये में कैसी सब्सिडी जब ग्लोबल टेंडर के ज़रिये काम कीमत पर टिकट के मौके मौजूद हैं तो एयर इंडिया के ज़रिये सब्सिडी की बात बेकार है. उनहोंने कहा कि जब टेंडर होंगे तो अच्छी सुविधाएँ कम कीमत पर मिलेंगी जिनसे हाजियों को और सरकार दोनों को फायदा होगा.

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