दिल्ली मामले में होली के बाद होगी चर्चा, लोकसभा अध्यक्ष के ऐलान पर भड़का विपक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदन में घोषणा की कि दिल्ली में पिछले दिनों हुई हिं*सा के मुद्दे पर होली के बाद सदन में चर्चा होगी। लोकसभा अध्यक्ष के इस ऐलान पर विपक्ष उठा है। उनके इस प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदो ने  पन्ने फाड़कर स्पीकर की ओर फेंकने लगे।

सत्तापक्ष और विपक्ष के कुछ सदस्यों के बीच धक्कामुक्की के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। हंगामे के बीच ही सरकार ने सदन ने बैंककारी विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 को पारित कराने का प्रयास किया। इससे विपक्षी सदस्य का विरोध और तेज हो गया।

ओम बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्ष के सांसदों को नसीहत देते हुए कहा कि  सदन में प्ले कार्ड लाना ठीक नहीं।  विपक्षी पार्टियां स्पष्ट करें की प्लेकार्ड लाए जाने चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि सदन सबकी सहमति से चलता है। इसके साथ ही ओम बिरला ने उन सांसदों को चेतावनी दी कि  वेल में आने वाले कार्रवाई होगी फिर चाहे वे सत्ता पक्ष के सांसद हों या फिर विपक्ष के। ओम बिरला ने कहा कि सांसद को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया जाएगा।

वहीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सदन को दिल्ली हिंसा को प्राथमिकता देनी चाहिए। दिल्ली हिं*सा एक गंभीर मुद्दा है। हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब दें।कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार कहती है वो चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वह स्पीकर पर छोड़ देती है। स्पीकर ओम बिड़ला कहते हैं कि चर्चा होगी, लेकिन माहौल को शांत होने दीजिए।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दिल्ली हिं*सा की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सदन में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। चौधरी ने कहा, ‘मोदी सरकार कहती है कि हम होली के बाद चर्चा करेंगे। उससे पहले हम चर्चा नहीं कर सकते। क्या सदन में चर्चा करना हमारा अधिकार नहीं है। सरकार ध्यान नहीं दे रही है’। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से भाग रही है, इसलिए टाल-मटोल कर रही है। वे चर्चा से डरते हैं। उनको लगता है कि उनके पास कोई जवाब नहीं है।

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