2007 में हैदरबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में बम ब्लास्ट के मामले में आरोपी स्वामी असीमानंद की डिस्क्लोजर रिपोर्ट गायब है. रिपोर्ट के गायब होने के बाद अब हडकंप मचा हुआ है.

दरअसल, इस डिस्क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर ही स्वामी असीमानंद के खिलाफ ट्रायल शुरू होना है. लेकिन कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी कोर्ट से रिपोर्ट गायब हो चुकी है.

मामले का खुलासा तब हुआ जब मंगलवार को कोर्ट के सामने मंगवाए गए दस्तावेज सीबीआई के मुख्य जांच अधिकारी एसपी टी राजेश बालाजी ने देखे. बालाजी ने इस मामले की पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी, उसके बाद मामला एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था.

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Image result for makkah masjid blastयह रिपोर्ट को ‘मेमो ऑफ डिस्क्लोजर’ के नाम से एनआईए की चार्जशीट में 88 नंबर पर लगी थी. इसमें आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं के नाम थे. ऐसे में स्पष्ट है कि ये रिपोर्ट गायब नहीं हुई है बल्कि असीमानंद को बचाने के लिए गायब कराई गई.

क्योंकि सीबीआई अधिकारियों द्वारा दर्ज किए गए 68 चश्मदीद गवाहों में से 54 गवाह अब गवाही से मुकर चुके हैं. इनमें से डीआरडीओ के वैज्ञानिक वदलामनी वेंकट राव भी हैं. ध्यान रहे असीमानंद अप्रैल 2017 से शर्त पर जमानत पर है कि वह हैदराबाद और सिकंदराबाद नहीं छोड़ सकता.

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