कोरोना से निपटने के लिए लगाया गया लॉक डाउन लोगों की मौत का सबब बन रहा है। रोजगार के लिए अपने घरों से दूर रहने वाले लोग अब अपने घरों की और लौट रहे है। बिना किसी साधन के ये लोग पैदल ही लंबा सफर तय कर रहे है।ऐसे में अब एक युवक की मौत का मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, रणवीर सिंह पुत्र रामलाल (35) दिल्ली में एक होटल में टिपिन डिलीवरी करने का काम करता था। लॉकडाउन की वजह से होटल मालिक ने उसकी छुट्‌टी कर दी। शुक्रवार को शाम 3 बजे रणवीर अपने कुछ साथियों के साथ दिल्ली से पैदल मुरैना के लिए निकला। सुबह 5.30 बजे रणवीर व उसके साथी आगरा पहुंच गए।

इसके बाद रणवीर सुस्ताने के लिए रुक गया और उसके साथी आगे निकल आए।  सुबह 6.30 बजे तक रणवीर के बहनोई प्रमोद सखवार ने उसके मोबाइल पर कॉल किया तो एक राहगीर ने फोन उठाया और बताया कि रणवीर की तो मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजन आगरा पहुंचे और रणवीर का पोस्टमार्टम कराकर शव बड़फरा लाए, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।

रणवीर ने आखिरी बार मोबाइल से बहन को कहा था कि वह फरीदाबाद आ गया है, कल मुरैना पहुंच जाएगा। पिंकी के बहनोई प्रमोद सखवार ने बताया कि रणवीर की बहन पिंकी अंबाह में मेरे छोटे भाई के लिए ब्याही है। शाम 6 बजे रणवीर ने अपनी बहन को फोन करके बताया था कि फरीदाबाद आ गया है और कल तक अंबाह पहुंच जाएगा। सुबह 6.30 बजे जब पिंकी ने दोबारा रणवीर को फोन लगाया तो उसने कहा कि मेरी तबियत बिगड़ गई है। बहन पिंकी ने उससे पूछा भी कि अगर दिक्कत ज्यादा हो तो हम कुछ इंतजाम करते हैं लेकिन रणवीर ने मना कर दिया। सुबह उसकी मौ’त की खबर परिजन को लगी।

मृतक रणवीर के परिवार में वृद्ध मां के अलावा पत्नी ममता, बेटी गीता, आराध्या व बेटा अंशू है। इनकी परवरिश के लिए ही वह तीन साल पहले दिल्ली पहुंचा था और वहीं होटल में टिपिन डिलीवरी का काम करता था। शनिवार शाम जब रणवीर का शव बड़फरा गांव में पहुंचा तो वहां मातम पसर गया। पत्नी, बच्चे व बूढ़ी मां बेसुध हो गई।

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