Thursday, September 23, 2021

 

 

 

राजस्थान का मुस्लिम बाहुल्य धनूरी गांव, जिसके हर घर में हैं फौजी

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली। देश में जहां कदम-कदम पर मुस्लिमों से देशभक्ति का सबूत मांगा जाता है। तो ऐसे लोगों को राजस्थान के मुस्लिम बाहुल्य धनूरी गांव का एक बार दौरा करना चाहिए। करीब साढ़े तीन हजार की आबादी वाले इस गांव ने देश को 600 फौजी दिए हैं इनमें से अधिकांश फौजी मुस्लिम समुदाय से हैं।

राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव को आदर्श सैनिक गांव और फौजियों की खान के नाम से भी जाना जाता है। यहां के मलसीसर उपखण्ड में आने वाले गांव में लगभग आधे से ज्यादा परिवार कायमखानी मुस्लिमों के हैं। यहां कुछ परिवारों की चार-चार पीढ़ियां सेना में भर्ती होने की परम्परा को निभा रही हैं।

इस गांव ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध से लेकर भारत-चीन युद्ध 1962, भारत-पाक युद्ध 1965, 1971 व 1999 के करगिल युद्ध में अपने 17 बेटों की कुर्बानी दी है। धनूरी गांव के देश को दिए 600 फौजी में से 300 इस समय देश की रक्षा के लिए तैनात हैं, जबकि अन्य अपनी सेवाएं देकर रिटायर्ड हो चुके हैं।

धनूरी सरपंच प्रतिनिधि मोहम्मद इदरीश बताते हैं कि मुझे गर्व है कि मैं ऐसे गांव से हूं जिसका नाम लेने भर से देशभक्ति का जज्बा पैदा होता है। अकेले धनूरी गांव ने देश को 600 फौजी दिए हैं। जिनमें से 300 वर्तमान में देश की रक्षा के लिए विभिन्न जगहों पर तैनात हैं और 300 रिटायर्ड हो चुके हैं। अधिकांश फौजी मुस्लिम समुदाय से हैं। सबसे खास बात यह है कि कई परिवार तो ऐसे हैं, जिसकी चार-चार पीढ़ियां सेना में भर्ती होने की परम्परा को निभा रही हैं।

राजस्थान के गांव धनूरी के बेटे देश की रक्षा के लिए मर मिटने में सबसे आगे हैं। प्रथम व दूसरे विश्व युद्ध से लेकर भारत-चीन युद्ध 1962, भारत-पाक युद्ध 1965, 1971 व 1999 के करगिल युद्ध तक में यहां के 17 बेटों ने देश के लिए शहादत दी है। शहीद मेजर महमूद हसन खां के नाम पर स्कूल का नामांकरण भी किया हुआ है।

धनूरी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक हमीद खान की मानें तो यहां के मोहम्मद इलियास खां, मोहम्मद सफी खां, निजामुद्दीन खां, मेजर महमूद हसन खां, जाफर अली खां, कुतबुद्दीन खां, मोहम्मद रमजान खां, करीम बख्स खां, करीम खां, अजीमुद्दीन खां, ताज मोहम्मद खां, इमाम अली खां, मालाराम बलौदा आदि वीरगति को प्राप्त हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles