महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर असमंजस के बीच राज्यपाल से मिलने के लिए देवेंद्र फडणवीस ने राजभवन पहुंच कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यरी से मिलने पहुंचे फडणवीस ने विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने पर राज्‍यपाल को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया। हालांकि वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री की भूमिका निभाते रहेंगे।

मीडिया से बातचीत में फडवणीस ने कहा कि शिवसेना ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर हमारी आलोचना करती है, तो यह समझ में आता है। मगर शिवसेना सरकार के बारे में कुछ कहती है, तो यह अस्वीकार्य है।

फडणवीस ने कहा कि अगर हम साथ रहते हैं और शिव सेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना जारी रखना चाहता है, तो हम भी सवाल उठाएंगे। उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ जो टिप्पणियां कीं, उससे हमें दुख हुआ है।

उन्‍होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के साथ बैठक में सीएम के 2.5-2.5 साल के कार्यकाल पर कोई वादा नहीं किया। अमित शाह ने भी इसका खंडन किया। मेरे सामने भी कभी 2.5-2.5 साल के कार्यकाल पर कोई चर्चा नहीं हुई। उद्धव ठाकरे ने पहले सरकार बनाने की बात की थी। नतीजे आते ही मैंने उद्धव और शिवसेना को शुक्रिया कहा था।

बता दें कि भाजपा और शिवसेना के बीच अभी तक सरकार गठन को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। महाराष्ट्र में पिछली सरकार का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। ऐसे में ये अंतिम 24 घंटे काफी अहम हैं।

वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने अपने एक बयान में भाजपा पर राज्य को राष्ट्रपति शासन की ओर ले जाने का आरोप लगाया है। संजय राउत ने अपने बयान में कहा कि ‘बीजेपी महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है। यह जनादेश का अपमान है।’

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