Monday, August 2, 2021

 

 

 

यूपी में नोटबंदी के बावजूद 1000 करोड़ रु में खरीदे गए वोट, चुनाव प्रचार पर हुआ 5500 करोड़ रु का खर्च

- Advertisement -
- Advertisement -

देश में नोटबंदी के होने के बावजूद भी सिर्फ उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में ही 5500 करोड़ रुपये खर्च किए गए. ये खर्च भी सिर्फ कुछ मुख्य पार्टियों का हैं. इसके साथ ही सबसे बड़ी चौकाने वाली बात ये हैं कि करीब 1000 करोड़ रपये ‘वोट के बदले’ नोट पर खर्च किए गए.

सीएमएस प्री-पोस्ट पोल स्टडी के हुए सर्वे में खुलासा हुआ कि वोटरों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए डॉयरेक्ट करीब 1000 करोड़ रुपये कैश दिया गया. सर्वे में तकरीबन एक तिहाई वोटरों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें अपने पक्ष में वोट देने के लिए कैश या शराब का ऑफर दिया गया. सर्वेक्षण कहता है, ‘उत्तर प्रदेश में डाले गए हर मत पर करीब 750 रुपये खर्च आए जो देश में सर्वाधिक है.’

सर्वेक्षण कहता है, ‘रूझान के मुताबिक वर्ष 2017 में 1000 करोड़ रुपये मतदाताओं के बीच वितरित किए जाने का अनुमान है.’ जितने मतदाताओं पर सर्वेक्षण किया गया उनमें से 55 फीसदी अपने आसपास में किसी न किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिन्होंने इस या पिछले विधानसभा चुनावों में वाकई पैसे लिए.

इस स्टडी में यह बात भी सामने आई है कि नोटबंदी का चुनाव खर्च पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा. नोटबंदी के बावजूद चुनाव खर्च और बढ़ गया. दो तिहाई वोटरों के मुताबिक, इस बार प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार के लिए पहले से अधिक खर्च किया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles