हर मोर्चे पर फ़ैल हो चुकी मोदी सरकार रोज नए-नए विवाद पैदा कर देश की जनता का ध्यान मुद्दों से भटकाने में लगी हुई है. इसी कड़ी में ताजमहल पर विवाद पैदा किया गया, लेकिन जब दांव उल्टा पड़ गया तो अब टीपू सुलतान को निशाना बनाया गया है.

केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने शेर ए मैसूर को निशाना बनाते हुए न केवल कर्नाटक सरकार के टीपू सुल्तान की जयंती में शामिल होने से इनकार किया बल्कि उनके खिलाफ बेहद ही अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया.

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हेगड़े ने टीपू सुल्तान को बर्बर, निरंकुश और मास रेपिस्ट बताया, उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि ‘मैंने कर्नाटक सरकार को एक ऐसे बर्बर हत्यारे, कट्टरपंथी और मास रेपिस्ट का महिमामंडन के लिए आयोजित होने वाली जयंती कार्यक्रम में मुझे नहीं बुलाने के बारे में बता दिया है.”

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ टीपू सुल्तान ने चार युद्ध लड़े थे. उन्होंने बताया कि टीपू सुल्तान जयंती कार्यक्रम में राज्य के सभी मंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य गणमान्यों को पत्र भेजा जाता है, समारोह में शामिल होना या न होना उनकी मर्जी पर निर्भर करता है.

ध्यान रहे टीपू सुलतान कर्नाटक सहित देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है. उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ चार जंगे लड़ी थी. आखिरी वक्त में भी वे अंग्रेजों के साथ लड़ते हुए शहीद हुए.

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