dussehra celebrations in dehradun
Dehradun: The effigy of demon king Ravana burns during Dussehra celebrations in Dehradun on Tuesday. PTI Photo (PTI10_11_2016_000274A)

हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहार दशहरे पर होने वाले रावण दहन के खिलाफ भीम आर्मी ने मोर्चा खोलते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही पुतला फूंक ने वालों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की भी धमकी दी।

भीम आर्मी ने पुणे पुलिस को लिखे अपने पत्र में लिखा है कि वह एक राजा था, जो न्याय और समानता में यकीन करता था। लेकिन बाद में इतिहास में छेड़छाड़ करके रावण को हजारों सालों से खलनायक के तौर पर पेश किया जा रहा है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भीम आर्मी ने प्रतिबंध न लगाए पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई है। भीम आर्मी के अलावा, महाराष्ट्र के अन्य आदिवासी समुदायों ने भी रावण दहन का विरोध किया है।

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पंडित कमलेश दवे ने कहा, ”रावण हमारे पूर्वज हैं। इसी वजह से हम रावण दहन के दिन घर पर रहते हैं और नहाकर शुद्धि प्राप्त करते हैं।” उन्होंने कहा कि श्रीमाली समुदाय में दवे (गोधा) समाज के लोग श्राद्ध पक्ष की दशमी ति​थि को रावण के नाम का श्राद्ध और तर्पण भी करते हैं।

बता दें कि जब पूरे देश में रावण के पुतले जलाए जाते हैं तब राजस्थान के जोधपुर में रावण के रिश्तेदार उसकी मौत का शोक मनाते हैं। सिर्फ यही नहीं, जोधपुर में तो रावण का मंदिर भी बना हुआ है, जहां दवे समुदाय के लोग न सिर्फ रावण की पूजा करते हैं बल्कि श्राद्ध पक्ष के दौरान रावण के लिए तर्पण भी करते हैं।

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