राजस्थान के अलवर में कथित गौरक्षा के नाम पर की गई पहलू खान हत्या को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विद्यार्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया. उन्होंने पहलू खान की हत्या के लिए गौरक्षकों को भी ज़िम्मेदार ठहराते हुए गौरक्षकों दलों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की.

लेफ़्ट संगठन आइसा की सदस्य अंबर फ़ातमी ने गौरक्षकों को आदमखोर करार दिया. उन्होंने कहा, देश में इंसान की ज़िन्दगी का मोल खत्म होता जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, गौ रक्षा के नाम पर सत्ता के पूरे समर्थन के साथ एक खास धर्म से सम्बंधित लोगों पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है.

अंबर फातिमा ने कहा कि  समप्रदयिक ताक़तों के ख़िलाफ़ हमें एक लड़ाई लड़नी होगी. उन्होंने कहा कि इस आतंक से जामिया भी अछूता नहीं रह सकता है. उन्होंने कहा, देश में दहशत के इस माहौल में हम दक्षिणपंथी और गोडसे के समर्थक को यह दिखाना चाहते हैं कि  जामिया के छात्र लोकतंत्र को खड़ा करने के लिए लड़ते रहेंगे, चाहे चुप्पी का जैसा भी मौसम चले.

गौरतलब रहें कि अलवर जिले में बहरोड राजमार्ग पर 6 वाहनों में गायें ले जा रहे हरियाणा के रहने वाले करीब 15 लोगों पर कथित गौरक्षकों ने हमला कर दिया था. इस दौरान विश्‍व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े हुए कथित गौरक्षकों ने सभी की बुरी तरह से पीटाई की गई. इस हमलें में 50 वर्षीय पहलू खान की गंभीर छोटे आई थी. जिसकी अस्पताल में तीन दिन बाद मौत हो गई.

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