बाबरी मस्जिद की जमीन को राम मंदिर निर्माण के लिए देने की वकालत करने वाले मौलाना सलमान हुसैनी नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) पहले भी बाहर के रास्ता दिखा चूका है.ऐसे में अब शिया धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कल्बे सादिक पर भी कार्रवाई की मांग उठाना शुरू हो गई.

दरअसल, कल्बे सादिक ने भी मौलाना सलमान हुसैनी नदवी की तरह ही बयान दिया है. उन्होंने बाबरी मस्जिद की जगह विद्या का मंदिर बनाने की बात कही है. अयोध्या में राम मंदिर के सवाल पर अपने जवाब की शुरुआत जय राम से करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर जरूर बनना चाहिए, लेकिन विद्या का मंदिर.

इस मामले में अब तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौैलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि बोर्ड के इतने बड़े जिम्मेदार की तरफ से ऐसा बयान आना अफसोसनाक है. इसी तरह का बयान मौलाना सलमान नदवी दे चुके हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.

उन्होंने कहा, जो कार्रवाई सलमान नदवी के खिलाफ हुई वो ही कल्बे सादिक के खिलाफ होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड गंभीरता से सोचे की उसके जिम्मेदार इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं. कौन सा दबाव पर्सनल लॉ बोर्ड के जिम्मेदारों पर है कि वह लगातार इस तरह के बयान दे रहे हैं.

ध्यान रहे मौलाना सलमान हुसैनी नदवी और मौलाना कल्बे सादिक का बयान बोर्ड के उस बयान के बिलकुल विपरीत है जिसमे कहा गया कि क़यामत तक मस्जिद की जमीन पर कुछ नहीं बन सकता. नहीं मस्जिद की जमीन को किसी को बेचा जा सकता है और नहीं गिफ्ट किया जा सकता.

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