ट्रंप की विजिट से पहले दिल्ली में सीएए पर हिंसा, एक हेड कॉन्सटेबल की मौत

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पथराव के बाद दिल्ली के मौजपुर में हालात तनावपूर्ण हो गए। हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौ’त हो गई। वह एसीपी गोकुलपुरी ऑफिस में तैनात थे।

मृतक की पहचान रतन लाल के रूप में की गई है। यह जानकारी दिल्ली पुलिस के हवाले से समाचार एजेंसी PTI ने दी है। रतन लाल एसीपी गोकुलपुर कार्यालय में तैनात थे। इसके अलावा हिंसा में शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा भी घायल हो गए। उन्होंने पटपड़गंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्लीवालों से शांति की अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सभी दिल्लीवासियों से अपील है कि शांति बनाए रखें। हिंसा में सबका नुक़सान है। हिंसा की आग सबको ऐसा नुक़सान पहुंचाती है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाती।

डीसीपी (नॉर्थ-ईस्ट) वेद प्रकाश सूर्या ने थोड़ी देर पहले मीडिया को जानकारी दी है कि ‘हमने दोनों पक्षों से बातचीत की है और अब यहां हालात सामान्य हैं। हम लगातार यहां लोगों से बातचीत कर रहे हैं।’ इस बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार सुबह ट्वीट कर बताया कि जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन के एक्जिट और एंट्री गेट को बंद कर दिया गया। इन स्टेशनों पर मेट्रो नहीं रुकेगी।

बताया जा रहा है कि सीएए के कुछ समर्थकों के वहां पहुंचने के बाद विवाद शुरू हुआ था। ये भी कहा जा रहा है कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे थे जिसके बाद ये हंगामा हुआ। दिल्ली के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और गृहमंत्री अमित शाह को शांति व्यवस्था के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।

उन्होंने ट्वीट किया कि दिल्ली के कुछ हिस्सों से शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के बारे में बहुत परेशान करने वाली खबर आ रही है। मैं उपराज्यपाल और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह करता हूं कि कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि दिल्ली में शांति और सद्भाव बना रहे। किसी को भी इस तरह के काम की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

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