Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

मरकज मामले में दिल्ली पुलिस को कोर्ट ने लगाई फटकार, 36 विदेशी जमातियों को भी किया बरी

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निज़ामुद्दीन मरकज से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली की एक अदालत ने 36 विदेशी जमातियों को बरी करते हुए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कहा कि अभियोजन पक्ष निजामुद्दीन स्थित मरकज परिसर में किसी भी आरोपी की मौजूदगी साबित करने में नाकाम रहा।

साकेत जिला अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी अरुण कुमार गर्ग ने 14 देशों के 36 जमातियों को राहत प्रदान की है। अदालत ने इनके खिलाफ  सरकारी आदेश का उल्लंघन, लापरवाही से जानलेवा संक्रमण फैलाना, महामारी अधिनियम की धाराओं में 24 अगस्त को आरोप तय किए थे। इन आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी आरोप तय किए गए थे।

चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने इस मामले की सुनवाई करते हुए हजरत निजामुद्दीन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (जो कि मामले में शिकायतकर्ता थे) और जांच में शामिल अफसरों को आरोपियों की पहचान न कर पाने के लिए तलब किया।

गवाहों के बयानों में विरोधाभास का जिक्र करते हुए अदालत ने कुछ अभियुक्तों द्वारा दलील को स्वीकार किया कि ‘उस अवधि के दौरान उनमें से कोई भी मरकज में मौजूद नहीं था और उन्हें अलग-अलग से उठाया गया था ताकि गृह मंत्रालय के निर्देश पर दुर्भावना से उन पर मुकदमा चलाया जा सके।’

अदालत ने कहा, “यह समझ से परे है कि कैसे IO (इंस्पेक्टर सतीश कुमार) ने 2,343 व्यक्तियों में से 952 विदेशी नागरिकों की पहचान कर ली। एसएचओ के अनुसार ये सभी कोरोनावायरस गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाते हुए पाए गए थे। कोई टेस्ट आइडेंटिटी परेड (TIP) नहीं कराई गई बल्कि गृह मंत्रालय द्वारा दी गई लिस्ट का इस्तेमाल किया गया।”

इससे पहले भी 8 विदेशियों को अदालत ने बरी किया था, उस दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं होने की बात कोर्ट ने कही थी। ये सभी 44 विदेशी नागरिक दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने देश को रवाना हो गए।

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