दिल्ली की पटियाला हाउस ने  12 साल पहले सरोजनी नगर में हुए बम ब्लास्ट मामले में अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया हैं. तारिक अहमद डार, मोहम्मद हुसैन फाजिल और मोहम्मद रफीक शाह पर मिलकर साजिश रचने का आरोप था. इन ब्लास्ट का मास्टर माइंड तारिक अहमद डार बताया गया था. साथ ही उसे लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव भी बताया गया था.

12 साल पहले हुए इन बम धमाकों में आरोपी तारिक अहमद डार को 10 साल की सजा सुनाई गई है, लेकिन जेल के दौरान उनके बिताए गए समय को ही सजा मान लिया गया है. इसके अलावा अन्‍य आरोपियों मोहम्‍मद रफीक शाह और मोहम्‍मद हुसैन फाजली को सभी आरोपों से मुक्‍त कर दिया गया है. अदालत के धमाकों के लिए किसी को भी दोषी नहीं माना है.

वर्ष 2008 में अदालत ने तीनों पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ना, हत्या, हत्या के प्रयास और आ‌र्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए थे. दिल्ली पुलिस ने डार के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था. पुलिस ने अक्टूबर 2005 में तीन जगहों- सरोजिनी नगर, कालकाजी और पहाड़गंज में हुए विस्फोटों के सिलसिले में तीन अलग-अलग मामला दर्ज किया था.

दिवाली से एक दिन पहले हुए तीन धमाकों में 62 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 210 लोग घायल हुए थे. 2005 में सरोजनी नगर में धमाके हुए थे.


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