Thursday, October 28, 2021

 

 

 

दिल्ली दंगों के दौरान की थी हत्या और लूटपाट, आरएसएस के कार्यकर्ता गिरफ्तार

- Advertisement -
- Advertisement -

सीएए विरोध के दौरान देश की राजधानी दिल्ली में हुई मुस्लिम विरोधी हिं’सा के मामले में आरएसएस और वीएचपी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। द क्विंट ने के 16 आरएसएस के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों पर दंगा,हत्या और लूटपाट के मामले में या तो गिरफ्तार या आरोपित किए जाने की पुष्टि की है।

दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में इन सभी के नाम है। ये सभी सोलह आरोपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), पोस्ट-होल्डर्स (ज़िमेदार) के सक्रिय सदस्य थे, या स्थानीय शेखा का दौरा कर चुके थे। इन सभी को 9 अप्रैल को हत्या (धारा 302), दंगा (धारा 147), घातक हथियार (धारा 148) से लैस दंगा, गैरकानूनी विधानसभा का हिस्सा (धारा 149) और आपराधिक साजिश (धारा 120 बी) के तहत गिरफ्तार किया गया।

हालांकि आरएसएस के पदाधिकारियों ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि संघ से जुड़े होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा, “सभी निर्दोष आरोपी आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं।

भजनपुरा पुलिस स्टेशन में 19 मार्च को दर्ज कराई गई शिकायत में शहिल परवेज ने बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 और 25 फरवरी को अपने इलाके में दो दिन की हिंसा का देखी। उनका कहना है कि हिंसा 24 फरवरी को दोपहर 12:00 बजे के आसपास शुरू हुई जब इलाके के लोग ‘मुल्ले, का ** मुर्दाबाद, कपिल मिश्रा ज़िंदाबाद’, ‘देश के गद्दारों को गोली मारो सालो को’ जैसे नारे लगाने लगे।

यह सब सुनकर परवेज ने गली के बाहर देखा तो कुछ आरोपियों को लाठियों, बंदूकों, लोहे की छड़ों, तलवारों और पेट्रोल बमों से लैस देखा। साहिल परवेज ने बताया कि: देर रात तक ये लोग लगातार मुसलमानों के घरों पर पेट्रोल बम, पत्थर और गोलियों से हमला कर रहे थे। वे पूरी रात हमें गालियां भी देते रहे। जो लोग उनके साथ तर्क करने और क्षेत्र में शांति लाने की कोशिश कर रहे थे, ये लोग उन पर भी हमला भी कर रहे थे।

अपने पिता के दंगाइयों द्वारा गोली मारे जाने की घटना पर साहिल ने बताया, शाम को लगभग 7:00 बजे (अगले दिन 25 फरवरी को) जब मैं और मेरे पिता नमाज़ अदा करने गए थे तो बाहर सड़क पर सुशील, जयवीर, देवेश मिश्रा (गली 8) और नरेश त्यागी हाथ में तलवार, बंदूक और लाठी लेकर खड़े थे। जब उन्होंने मेरे पिता को देखा, तो सुशील ने हमारी ओर गोलियां चलाईं। मेरे पिता जमीन पर गिर गए और मैं अपनी जान बचाने के लिए भागा।

साहिल का दावा है कि दूर से उसने देखा कि देवेश और जयवीर उसके पिता के करीब आए, उन्हे लात मारी और उनकी जेब से चीजें निकाल लीं। ‘वे चिल्लाते रहे कि आज वे हमें जिंदा नहीं रहने देंगे।

 

Read the Original Story of The Quint – Click Here

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles