लॉकडाउन के बीच मंदिर में भीड़ इकठ्ठा करने के आरोप में दाती महाराज को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पर थाने पहुंचे दाती महाराज से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। उसके बाद उन्हें देर शाम जमानत पर रिहा कर दिया गया।

दाती महाराज की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए दक्षिणी जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि दाती महाराज के खिलाफ 23 मई को मैदान गढ़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था। उनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन और महामारी अधिनियम सहित अन्य कई धाराओं में मुकदमा कायम हुआ था।

डीसीपी ने आगे कहा, “दाती महाराज से थाने में घटना वाले दिन के ब्‍यौरे पर काफी देर पूछताछ की गई। उसके बाद चूंकि आरोप जमानती थे। लिहाजा कानूनी कार्यवाही पूरी करके आरोपी को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया।”

पुलिस को दाती महाराज के मंदिर के सामने एक पोस्टर लगा मिला था, जिसमें साफ लिखा है कि शनि जयंती के महोत्सव पर 22 मई को मंदिर में आए। यानी लॉकडाउन के दौरान ये कार्यक्रम दाती महाराज ने ही ऑर्गनाइज किया था, जिसकी परमिशन भी नहीं ली गई थी।

इसके अलावा जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, उनमें बच्‍चों से लेकर बूढ़ों तक को देखा जा सकता है। बहुतों के चेहरों पर मास्‍क भी नहीं था। सोशल डिस्‍टेंसिंग की बात तो छोड़ ही दीजिए। बता दें कि दाती महाराज उर्फ दाती मदन लाल राजस्थानी पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 25 साल की महिला से रे’प का आरोप है।

दाती महाराज और अशोक, अर्जुन व अनिल के खिलाफ CBI ने एफआईआर भी दर्ज कर रखी है। उनके फतेहपुर बेरी आश्रम में 9 जनवरी 2016 में यह कथित घटना हुई। दिल्ली पुलिस ने जून 2018 में दिल्ली की पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। बाद में दाती महाराज व अन्य पर चार्जशीट भी दाखिल की थी।

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