लाभ पद को लेकर अयोग्य ठहराए गए अपने 20 विधायकों के मामले में आम आदमी पार्टी को फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने अगली सुनवाई तक चुनाव आयोग की और से उपचुनाव के नोटिफिकेशन जारी करने पर रोक लगा दी है. हालांकि, कोर्ट ने विधायकों को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया.

दरअसल, लाभ का पद के मामले में अयोग्य घोषित होने के बाद विधायकों ने मंगलवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. विधायकों ने कोर्ट से केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन (अयोग्य घोषित करने वाले) को रद्द करने की अपील की थी. हाईकोर्ट में अयोग्य विधायकों की तरफ से कहा गया था कि चुनाव आयोग ने हमें पहले नहीं बताया था कि वह फैसला करने जा रहा है.

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साथ ही विधायकों ने ये भी तर्क दिया है कि अगर अदालत ने विधायकों की अयोग्यता को बरकरार रखा, तो उनकी सीटों के लिए चुनाव होंगे. इससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर असर नहीं पड़ेगा, भले ही आम आदमी पार्टी को सभी 20 सीटों की हार हो, क्योंकि विधानसभा में आम आदमी पार्टी को अभी भी पूर्ण बहुमत है.

कोर्ट ने इस मामले में ने चुनाव आयोग,केन्द्र और आप विधायकों से जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने इस मामले में सभी रिकार्ड भी मांगे हैं जिसमें विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की चुनाव आयोग की राष्ट्रपति को सिफारिश करने की प्रक्रिया भी शामिल है.

ध्यान रहे इस मामले में 19 जनवरी को चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति से स्वीकृति मिल गयी थी.  20 जनवरी को कानून एवं न्याय मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की थी कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम की धारा 15 (1) (ए) के तहत 20 विधायकों को अयोग्य करार दिया है.

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