हैदराबाद: निज़ामुद्दीन मरकज मामले के सामने आने के बाद तबलीगी जमात के खिलाफ मीडिया के द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज़ को लेकर मुस्लिम समुदाय कानूनी कार्रवाई करना शुरू कर दी है। तहरीक मुस्लिम शब्बन के मोहम्मद मुश्ताक मलिक के नेतृत्व में एंकर अर्नब गोस्वामी, रजत शर्मा, हिमेश अग्रवाल और मधु के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की गई है।

मुश्ताक मलिक ने बताया कि अगर पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में अनिच्छा दिखाती है, तो शब्बन मामले में पुलिस को पार्टी बनाने के लिए उच्च न्यायालय जाने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मीडिया विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मुसलमानों को देश में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि #CoronaJihad, #Coronaterrorism, #Muslimcorona जैसे हैशटैग का उपयोग करके मुसलमानों को संदिग्ध बनाया जाता है।

इसके अलावा महाराष्ट्र में भी तबलीगी जमात के सदस्य ने ‘टाइम्स नाऊ’चैनल को मानहानि का नोटिस भेजा है। कॉंग्रेस नेता सलमान निजामी ने बताया कि फेक न्यूज़ फैलाने के मामले में ‘टाइम्स नाऊ’ चैनल को एक करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा गया है।

बता दें कि बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने तब्लीगी जमात पर लगाए गए आरोपों को जांच के बाद झूठा करार दिया। सहारनपुर पुलिस ने कहा है कि तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

सहारनपुर पुलिस ने कहा, “हम यह बताना चाहते हैं कि हमने रामपुर मनिहारान के थाना प्रभारी को विभिन्न समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म द्वारा किए गए दावों को सत्यापित करने के लिए निर्देशित किया था कि जमात के लोगो ने क्वारंटाइन में हंगामा किया और सार्वजनिक रूप से शौच किया गैर-शाकाहारी भोजन मांगा। जांच के बाद, यह पाया गया कि विभिन्न समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों द्वारा किए गए दावे नकली थे। इसलिए, सहारनपुर पुलिस उपरोक्त प्रकाशित समाचार को पूरी तरह से खारिज करती है। ”

सहारनपुर पुलिस ने एक प्रसिद्ध हिंदी समाचार चैनल के एक समाचार फ्लैश पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसने जमाती और मुस्लिम समुदाय को अपमानित करने के लिए उकसाने वाली सुर्खियों को लगाया।

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