नई दिल्ली | इस खबर को पढने के बाद आपको एलआईसी की वो टैगलाइन याद आ जाएगी,’ जिन्दगी के साथ भी , जिन्दगी के बाद भी.’ दरअसल मोदी सरकार ने आधार कार्ड से सम्बंधित एक और बड़ा फैसला लिया है. इसके अनुसार अब मरने के लिए भी आधार कार्ड की जरुरत पड़ेगी. अगर आपके पास आधार कार्ड नही है तो आपको डेथ सर्टिफिकेट भी इशू नही होगा. यह सब मृत्यु के बाद होने वाली धांधली से बचने के लिए किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इससे सम्बंधित एक नोटिफिकेशन जारी किया. इस नोटिफिकेशन के अनुसार अब किसी शख्स की मृत्यु के पश्चात डेथ सर्टिफिकेट के लिए जो आवेदन किया जाएगा उसमे मृतक का आधार कार्ड नम्बर डालना अनिवार्य होगा. इसके बाद ही डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. अगर किसी शख्स का आधार कार्ड नम्बर नही है तो आवेदन करने वाले को एक शपथ पत्र देना होगा.

इस शपथ पत्र में वह यह जानकारी देगा की मृतक के आधार नम्बर की उसको कोई जानकारी नही है. इसके अलावा शपथ पत्र में यह भी अंकित किया जाएगा की अगर मृतक के बारे में दी गयी जानकारी गलत साबित हुई तो आवेदक के खिलाफ आधार एक्‍ट 2016 और जन्‍म और मृत्‍यु नामांकन एक्‍ट 1969 के तहत कार्यवाही जी जायेगी. इसके लिए आवेदक को अपना आधार नम्बर भी देना अनिवार्य होगा.

नोतिफिशन के अनुसार यह आदेश 1 अक्टूबर से देश में लागु हो जायेगा. हालाँकि अभी जम्मू कश्मीर, असम और मेघालय में यह व्यवस्था लागु नही होगी. बताया जा रहा है की बाद में इन राज्यों के लिए भी नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. गृह मंत्रालय के अनुसार मरने के बाद किसी व्यक्ति के आधार कार्ड नम्बर से जुड़े फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था लागु की गयी है. इससे किसी मृतक के आधार कार्ड के जरिये कोई और व्यक्ति सरकारी सुविधाओ का लाभ नही ले पायेगा.

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