हैदरबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की मौत के बाद देश भर में दलित छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव का मुद्दा गरमाया था. ऐसे में एक बार फिर से देश के विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव को लेकर चर्चा हैं.

विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव की चर्चा को 2015-16 यूजीसी की एक रिपोर्ट से शुरू हुई हैं. इस रिपोर्ट में खुलासा हुए हैं कि देश में दलित छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव करने में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय नम्बर वन हैं. वहीँ इस मामलें में दूसरा स्थान गुजरात यूनिवर्सिटी को मिला हैं.

यूजीसी की रिपोर्ट में देश की 18 यूनिवर्सिटीज में जातिगत भेदभाव के मामले सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि ये मामले हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद आए हैं. रोहित की मौत के बाद पूरे देश के दलित छात्र असुरक्षा महसूस कर रहे हैं.

याद रहें कि साल 2015-16 के दौरान दलित छात्रों ने 102 जातिगत भेदभाव की शिकायत दर्ज कराई हैं. जिनमें अनसूचित जनजाति के 18 छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए.


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