Monday, October 18, 2021

 

 

 

दलित उत्पीड़न के चलते छात्र ने राष्ट्रपति से गोल्ड मेडल लेने से किया इंकार

- Advertisement -
- Advertisement -

देश में लगातार जारी दलित उत्पीड़न के चलते बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएएयू) के दो छात्रों ने विरोधस्वरूप राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों से गोल्ड मेडल लेने से मना कर दिया.

छात्र रामेन्द्र नरेश और सुधाकर पुष्कर ने यह कहते हुए गोल्ड मेडल लेने से इंकार कर दिया कि दलितों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जा रहा है. नरेश ने 2013 से 2016 मास्टर इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन (एमसीएम) में टॉप किया है. तो वहीँ सुधाकर पुष्कर 2016 के एमफिल मैनेजमेंट में टॉप किया है.

दोनों विद्यार्थियों ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिएं अपना रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है. सुधाकर पुष्कर ने आरोप लगाया कि दलित विद्यार्थियों-अधिकारियों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि मुझे कुलपति प्रो. आरसी सोबती के हाथों मेडल लेना ही नहीं है इसलिए मैंने दीक्षांत में शामिल होने के लिए आवेदन नहीं किया.

सुधाकर ने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविद हमारी बात सुने कि इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति विद्यार्थियों से लड़ रहा है. उन्होंने कहा, दलित छात्रों का उत्पीड़न सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि हमने उनकी नीतियो के खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज उठाई.

वहीँ छात्र रामेंद्र नरेश ने कहा- “देश के साथ-साथ विश्वविद्यालय में लगातार हो रहे दलित उत्पीड़न की वजह से मेरा मन दुखी हो गया है. इस उत्पीड़न के न रुकने के कारण दलित समाज के साथ बीबीएयू में दलित छात्र व प्रोफ़ेसर दोनों परेशान हैं. मैं ऐसे मेडल को लेकर क्या करूंगा जब मेरे दलित भाईयों को हीनभावना से देखा जाता है और उनको विभिन्न ढंग से प्रताड़ित किया जाता है.”

उन्होंने आगे कहा, ऐसे में मेरा गोल्ड मेडल न लेना अपने आप में मेरे भाइयों के त्याग के लिए की जाने वाली कुर्बानी है. मैं विश्वविद्यालय द्वारा मेडल तभी स्वीकार करुंगा जब विश्वविद्यालय के साथ-साथ संपूर्ण भारत में दलितों को सम्मान और बराबरी की दृष्टि से देखा जाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles