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देशभर के तमाम दलित संगठनों ने अपनी तमाम मांगों को लेकर आज देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है। ये आह्वान ऐसे समय मे किया गया है जब सरकार ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण संशोधन अधिनियम बिल लोकसभा में पेश कर दिया हो।

माना जा रहा है कि भीम आर्मी के प्रमुख क चंद्रशेकर रावण और अन्य दलित युवकों की रिहाई के अलावा इससे पहले 2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुआवजे की भी मांग की जा सकती है। बता दें, दलित संगठनों के साथ ही भारत बंद में पूर्व सैनिक और ऑल इंडिया किसान सभा भी हिस्सा लेगी।

बंद को देखने को मध्य प्रदेश पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। कई जिलों में प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। ग्वालियर  में बुधवार को ही धारा 144 लागू कर दी गयी है, जो 13 अगस्त तक लागू रहेगी। इसके अलावा मुरैना जिले में भी धारा 144 लागू रहेगी।  बता दें, पिछली बार दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के भिंड सहित कुछ इलाकों में भारी हिंसा हुई थी।

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वहीं यूपी में ही बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट है। डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि गुरुवार (9 अगस्त) को भारत बंद जैसी स्थिति नहीं है लेकिन कुछ संगठनों की अपील को देखते हुए व्यापक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सावन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए वहां पहले से फोर्स अलर्ट है। इन जिलों में पीएसी के अलावा केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती भी है।

आपको बता दें कि दलितों ने पिछला भारत बंद बीते 2 अप्रैल को किया था और इसका अच्छा खासा असर देखने को मिला था।

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