उत्तरप्रदेश के दादरी में 2015 में बीफ की अफवाह उड़ा कर पीट-पीट कर की गई अख़लाक़ की हत्या के मामले में आरोपी पक्ष की और से लगातार समझौते का दबाव डाला जा रहा है. जिसे परिवार ने खारिज कर दिया है.

बीते तीन सालो से परिवार इंसाफ की राह तक रहा है लेकिन इंसाफ की बजाय उन्हें अब धमकियाँ मिल रही है. दरअसल, हाल ही में 18 में दो आरोपी जो जमानत पर रिहा हुए है. वह समझौते के लिए दबाव बना रहे है.

अख़लाक़ के भाई जान मोहम्मद ने बताया कि मामले के आरोपी गौरव और विवेक ने उनके खिलाफ दायर मामला वापस लेने के लिए कहा है. बदले में वे हमारे खिलाफ दायर गौ हत्या के मामले वापस ले लेंगे. मैंने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, क्योंकि हमने कोई अपराध नहीं किया है.

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जान मोहम्मद ने बताया, उन्हें 28 सितंबर 2015 को लिंचिंग के बाद मामले को वापस लेने के लिए फोन और मेसेज मिल रहे हैं लेकिन यह पहली बार हुआ कि वे हमारे घर आए और समझौता प्रस्ताव दिया. इस बात की पुष्टि आरोपी विवेक के पिता ओम कुमार ने भी की है.

उन्होंने कहा कि उनका बेटा जान मोहम्मद के घर गया था. मेरा बेटा और अन्य व्यक्ति इस मामले को हल करना चाहते हैं और दोनों पक्षों से दायर मामलों को वापस लेना चाहते हैं.  लेकिन मुझे नहीं पता कि बातचीत में क्या हुआ.

गौरतलब है की साल 2015 में गोमांस रखने के आरोप में दादरी के बिसाहड़ा गाँव में भीड़ ने मोहम्मद अख़लाक़ के घर हमला कर दिया था. हमले में अख़लाक़ की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि उनका छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था.

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