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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता शंकर लाल के विवादित बयान आया है. जिसमे उन्होंने देश में बढ़ रहे अपराध के लिए भैंस और जर्सी गाय को जिम्मेदार बताया है. उनका दावा है कि भैंस और जर्सी गाय का दूध पीने से अपराध में वृद्धि हो रही है.

रविवार को उन्होंने कहा, “भैंस और जर्सी का दूध तामसी होता है. इसे पीने से इंसान की सहनशीलता खत्म होती है और गुस्सा बढ़ता है. जब आपकी सहने की सीमा कम होगी या खत्म होगी, तो अपराध बढ़ते हैं.” संघ प्रचारक ने कहा कि गाय के दूध से ऐसा कुछ नहीं होता. गाय का दूध सात्विक होता है. इसे पीने से शरीर में शांति का संचार होता है और सहनशीलता बढ़ती है. सहनशीलता बढ़ने से अपराध में कमी आती है.

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उन्होंने कहा कि अगर भारतीय गाय गलती से भी विष खा ले तो वह उसके दूध, घी, गोमूत्र और गोबर में नहीं जाता है. इसलिए बाइबल, कुरान समेत दूसरे ग्रंथों में गौ मांस निषेध है. संघ नेता का दावा है कि 1 ग्राम घी का दीया जलाने से सौ किलो ऑक्सीजन तैयार होता है. उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी के आगे घी का दीया जलाने से ओजोन गैस बनती है.

शंकर लाल ने यह भी कहा कि अगर बीमार व्यक्ति के आगे घी का दीया जलाया जाए तो उसे ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी. साथ ही संघ नेता का दावा है कि 1 एकड़ जमीन और एक गाय से महीने भर में 50 हजार रुपये की आमदनी हो सकती है, इसकी लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है.

साथ ही उन्होंने बताया, 31 मार्च को गौ जप महायज्ञ करने जा रहे हैं. इसके जरिये वे गाय से जुड़ी महत्ताओं को भी लोगों तक पहुंचाएंगे.  उन्होंने बताया कि गाय के माध्यम से हम 8 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं. इसमें अपराध मुक्त भारत भी एक लक्ष्य है.

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