Sunday, June 13, 2021

 

 

 

11 साल पहले धनतेरस पर हुए बम विस्फोट में आरोपी , मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद रफीक रिहा

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नई दिल्ली | करीब 11 साल पहले दिल्ली में धनतेरस के दिन हुए तीन धमाको के आरोपियों में से दो को अदालत ने रिहा कर दिया. जबकि एक को दोषी करार दिया गया. इस मामले में पहले ही दो लोगो को दोषी ठहराया जा चूका है. लेकिन अधिकतम अवधि की सजा जेल में काटने की वजह से उनको रिहा भी किया जा चूका है.

दिल्ली की पटियाला हाउस की विशेष अदालत ने 2005 में धनतेरस के दिन हुए तीन धमाको में आरोपी मोहम्मद हुसैन फजली और मोहम्मद रफीक शाह को सभी आरोपों से बरी कर दिया. अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा की अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ दोष साबित नही कर पाया. दोनों आरोपियों पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ना , हत्या और हत्या के प्रयास व् आर्म्स एक्ट की धाराओ में मुकदमा चल रहा था.

उधर तीसरे आरोपी तारिक अहमद डार को धारा 38 व् 39 में दोषी करार देते हुए अदालत ने कहा की इन धाराओ में अधिकतम 10 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है जबकि आरोपी इतनी ही अवधि की सजा पहले ही जेल में काट चूका है इसलिए इस मामले में उसे छोड़ा जा सकता है. हालाँकि तारिक के खिलाफ मनी लोंड्रिंग का भी एक केस चल रहा है इसलिए फ़िलहाल उसकी जेल से रिहाई नही होगी.

इसी मामले में अदालत , पहले ही दो आरोपियों को दोषी ठहरा चुकी है. फारुख अहमद बटलू व गुलाम अहमद खान पर राजधानी में आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए फंड जुटाने का आरोप था. दोनों ही आरोपियों को अदालत ने दोषी माना था लेकिन अधिकतम अवधि की सजा पहले ही जेल में काटने के कारण इनको भी रिहा करने का आदेश दिया था.

मालूम हो की 2005 में धनतेरस के दिन दिल्ली के सरोजनी नगर , पहाड़गंज और गोविन्दपूरी में तीन बम धमाके हुए. इनमे से दो मुख्य बाजार में जबकि एक धमाका बस में हुआ था. इन बम धमाको में 67 लोगो की मौत हो गयी थी जबकि 220 लोग घायल हो गए थे.

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