कोरोना वायरस का भारत में तीसरा स्टेज शुरू होने के करीब है। पूरे देश को लॉक डाउन किया जा चुका है। पुलिस और प्रशासन के लाख निवेदन के बाद भी लोग घरों में बैठने को मजबूर नहीं है। ऐसे में मंगलवार को असम में पुलिस को लॉक डाउन के उल्लंघन पर लाठीचार्ज करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, लॉक डाउन के तहत प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए कामरूप, नलबाड़ी, करीमगंज, नागांव जिले के कई लोग मंगलवार रात सड़कों पर थे। पुलिस ने लोगों को अलर्ट किया था कि वे सड़कों पर न आएं और कोविद -19 के प्रसार को रोकने के लिए सामूहिक सभा से बचें। लेकिन कई लोगों ने प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन किया और सड़कों पर निकल आए। कई दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान भी खोले गए।

नलबाड़ी और करीमगंज जिलों में, पुलिस ने कथित तौर पर उल्लंघनकर्ताओं पर लाठीचार्ज का सहारा लिया। कुछ लोगों को कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया गया। करीमगंज जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी प्रतिबंधात्मक आदेशों को लागू करने के लिए पुलिस कुछ भी करेगी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटेंगे क्योंकि यह अन्य लोगों के जीवन को खतरे में डालता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोविद -19 के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रयास में 21 दिनों के लिए पूरे देश में पूर्ण लॉक डाउन की घोषणा की। इससे पहले, असम सरकार ने भी 24 मार्च की शाम 6 बजे से राज्यव्यापी लॉक डाउन शुरू कर दी थी।

पुलिस के लाठी चार्ज का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर मीम की बाढ़ सी आ गई है। यूजर कह रहे है कि लोग मानने वाले नहीं है। जब तक लठ नहीं पड़ेंगे। ये लोग घर नहीं बैठेंगे। तो वहीं कई इस तरह के मीम भी सामने आए जिसमे लिखा कि पिटेगा इंडिया, तभी घर बैठेगा इंडिया।

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