कोरोना संकट के बीच केंद्र का अध्यादेश – स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट पर अब 7 साल तक की जेल

कोरोना संकट के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।  पीएम मोदी की अगुवाई में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक अध्यादेश पारित किया गया। इसमें अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को 3 महीने से 5 साल की सजा होगी। वहीं, गंभीर हमले पर 6 महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उन पर 50 हजार से लेकर 2 लाख तक के जुर्माने का भी नियम बनाया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों के वाहन और क्लीनिकों पर हमला करने की स्थिति में बाजार मूल्य का दोगुना मुआवजे के रूप में वसूला जाएगा।

जावड़ेकर ने कहा, ‘देश में कोई भी पहले कोई कोविड अस्पताल नहीं था अब 723 कोविड अस्पताल है। इनमें दो लाख बेड बनकर तैयार हैं। इसमें 24 हजार आईसीयू बेड है, 12190 वेंटिलेटर है। वहीं 25 लाख से अधिक एन 95 मास्क भी हमारे पास हैं।’ उन्होने आगे कहा, ‘इसके अलावा ढ़ाई करोड़ एन95 मास्क के आर्डर दिए जा चुके है। केंद्र सरकार की ओर से फर्टिलाइजर के लिए दी जाने वाले सब्सिडी को बढ़ा दिया गया है। इसे बढ़ाकर 22 हजार करोड़ से अधिक किया गया है।’

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, सरकार ने अभी विमानों के संचालनों पर कोई भी निर्णय नहीं लिया है। वक्त आने पर इसका ऐलान ​किया जाएगा। उन्होने कहा, अब स्वास्थ्य विभाग की प्रेसवार्ता सप्ताह में चार दिन होगी। अन्य दिन प्रेस रिलीज जारी होगी या कैबिनेट की प्रेसवार्ता होगी।

हाल के दिनों में देखा गया कि कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटे मेडिकल स्टाफ पर देश के कुछ हिस्सों में हमले की खबर सामने आई थी। इसके बाद सरकार सख्त हो गई और अब अध्यादेश लेकर आई है।

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